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Chandrapur

नए सुरक्षा कानूनों पर वडेट्टीवार ने उठाया सवाल, कहा- विपक्ष सहित आम आदमी को दबाने का प्रयास


चंद्रपुर: राज्य विधानसभा में पेश नए सुरक्षा कानून (Security Act) पर विधानसभा (Assembly) में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार (Vijay Wadettiwar) ने सवाल उठाया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि, सरकार द्वारा पेश कानून शहरी नक्सलियों (Urban Naxals) के लिए नहीं बल्कि उसके नाम पर विपक्ष (Opposition) और आम जनता (Common People) को दबाने के लिए हैं।" वडेट्टीवार रविवार को चंद्रपुर पहुंचे थे, जहां पत्रकारों से बात करते हुए यह बात कही।

कांग्रेस नेता ने कहा, "अधिवेशन के आखिरी दिन इसे पेश किया गया। सरकार ने अर्बन नक्सलियों के नाम पर यह कानून लाया है। हालांकि, मूलतः यह कानून विरोधियो और आम जनता के लिए मुश्किल खड़ी करना और उन्हें दबाने के लिए यह कानून लाया है।" उन्होंने आगे कहा, "कानून के धारा छह और दो के अनुसार, अगर कोई संस्था गैरकानूनी होगी और उसके सदस्यों द्वारा अगर सरकार के विरोध में कोई प्रदर्शन या विरोध किया होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।" 

वडेट्टीवार ने आगे कहा, "यह विधेयक केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत महाराष्ट्र में लाया गया है। इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि अगर संस्था का कोई भी सदस्य सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलता है, तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है और दो साल तक जेल में रखा जा सकता है। 'यह लोकतंत्र की धजियाँ उड़ाने वाला है।"

लोकसभा चुनाव के नतीजों पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "यहां (महाराष्ट्र में) भारत गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की। ​​इस विधेयक का उद्देश्य विपक्ष को दबाना, विपक्षी पार्टी के नेताओं के विचारों को दबाना और विपक्ष को सरकार के खिलाफ कुछ भी कहने से रोकना है। 'यह लोकतंत्र का गला दबाने जैसा है।' यह सरकार की नीति है कि सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलने वाले आम आदमी को चुप करा दिया जाए और वे इसे महाराष्ट्र में लाना चाहते हैं।"

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि विपक्ष प्रस्तावित विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगा जिसका उद्देश्य विपक्ष का गला घोंटना है। "हम विरोध करेंगे, और हम चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा, "और अगर वह इस तरह से विरोधियों का गला घोंटना चाहती है, तो लोग ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे और उसे कभी सत्ता में नहीं लाएंगे।"