logo_banner
Breaking
  • ⁕ 1 अगस्त से एसटी में रियायत के लिए स्मार्ट कार्ड अनिवार्य, राज्यभर में 51 लाख यात्रियों ने कराया पंजीकरण ⁕
  • ⁕ Nagpur: धर्मांतरण के दबाव और शोषण का आरोप, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार ⁕
  • ⁕ Bhandara: वरठी में दीये की बत्ती से लकड़ी के पुराने घर में लगी आग; जान का नुकसान नहीं, घर में रखा सामान जला ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में एमडी ड्रग्स की बिक्री, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ बढ़ता जा रहा मानसून का इंताजर, उमस और गर्मी से नागरिक परेशान; विदर्भ में तापमान फिर 44 डिग्री के पार ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
National

अब चुनावी रैलियों और पोस्टरों में नहीं दिखेंगे बच्चे, केंद्रीय चुनाव आयोग ने जारी की नई गाइडलाइन


नई दिल्ली: चुनाव के समय बच्चों की तस्वीरें इस्तेमाल और रैलियों में उन्हें बुलाने को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को आयोग ने चुनाव प्रचार को लेकर नई नियामवली जारी करते हुए प्रचार और रैली में बच्चो के इस्तेमाल करने पर पाबन्दी लगा दी है। आयोग ने सख्त चेतवानी देते हुए कहा कि, "आम चुनाव में प्रचार के पर्चे बांटते हुए, पोस्टर चिपकाते हुए, नारे लगाते हुए या पार्टी के झंडे बैनर लेकर चलते हुए बच्चे या नाबालिग नहीं दिखने चाहिए। अगर ऐसा करते कोई पाया गया तो उसके खिलाफ बाल श्रम कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।"

आने वाले कुछ दिनों में लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने वाला है। इसको लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को आयोग ने चुनाव में प्रचार प्रसार को लेकर नए दिशा निर्देश जारी किये हैं। इसके तहत अब चुनावी प्रचार या रैलियों में बच्चे के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। नए दिशा निर्देशों के अनुसार, राजनितिक पार्टियां किसी भी तरह से बच्चो का इस्तेमल चुनाव के दौरान नहीं कर पाएगी। अगर ऐसा करते कोई पाया गया तो उसके खिलाफ बाल श्रम कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसी चेतावनी भी दी है।