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Bhandara

झुड़पी जंगल मामले को लेकर पटोले ने सीएम फडणवीस पर किया हमला, कहा- सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने में विफल रही


भंडारा: सुप्रीम कोर्ट ने झुड़पी जंगल मामले में ऐतिहासिक निर्णय दिया है। सर्वोच्च न्यायलय ने विदर्भ के सभी क्षेत्रों में झुड़पी जंगल नाम से पहचानी जाने वाली जमीन को वन जमीन घोषित कर दिया। अदालत के निर्णय पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य सरकार पर हमला बोला है। पटोले ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने झाड़ी वन के संबंध में फैसला दिया है। अदालत के निर्णय से गरीबों की कृषि भूमि और मकानों पर कार्रवाई होगी। फडणवीस सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने में विफल रही है।"

पटोले ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने कल जुड़पी वन मामले पर फैसला सुनाया। सरकार इस मामले में अपना पक्ष रखने में विफल रही है। 6 जिलों में जुडपी वन के मुद्दे को सुलझाने के लिए सहरिया समिति का गठन किया गया और उसने अपनी रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय को सौंप दी। लेकिन राज्य की फडणवीस सरकार इस मामले में विफल रही है। इससे विदर्भ के गरीब लोगों के आवास, कृषि भूमि और विकास संबंधी मुद्दे खतरे में पड़ जाएंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "उनके सभी अतिक्रमण हटा दिए जाएंगे। और उनकी सारी प्रशासनिक मशीनरी चालू कर दी जाएगी, और सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कार्रवाई करने के लिए दो महीने का समय दिया है। राज्य सरकार ने जो गलती की है। राज्य सरकार को उस गलती को सुधारने के लिए तुरंत सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए। ऐसा सुझाव पटोले ने राज्य सरकार को दी।