पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों का आंदोलन हुआ समाप्त सरकार के भुगतान, आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित
नागपुर: नागपुर में ठेकेदारों के काम बंद आंदोलन से विधानसभा के आगामी शीत सत्र पर मंडरा रहा संकट आखिरकार टल गया है। सरकार की ओर से तात्कालिक हस्तक्षेप और भुगतान संबंधी आश्वासन के बाद ठेकेदारों ने आंदोलन खत्म कर काम दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है। इससे शीत सत्र की तैयारियों को समय पर पूरा करने की बड़ी राहत मिल गई है।
आठ दिसंबर से शुरू होने वाले शीत सत्र को लेकर सबसे बड़ी चिंता काम बंद आंदोलन थी, जिसने विधानसभा परिसर में चल रही तैयारियों को लगभग थाम दिया था। लेकिन अब यह संकट समाप्त हो गया है। शनिवार देर रात हुए मंथन के बाद प्रमुख सचिव मनीष हेस्कर ने सोमवार तक 23 करोड़ रुपये जारी करने का भरोसा दिया, जिसके बाद ठेकेदारों ने आंदोलन वापस ले लिया।
पीडब्ल्यूडी के लगभग 93.84 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान और फाइनल बिलों को लेकर लंबे समय से असंतोष बढ़ रहा था। इसी वजह से ठेकेदारों ने काम रोक दिया था, जिससे सड़क कार्य, भवनों की छतों का काम, विधानसभा परिसर के मार्गों का निर्माण, सीमेंट रोड के आधे-अधूरे हिस्से जैसे महत्वपूर्ण कार्य लटक गए थे।
प्रशासन के आश्वासन के बाद अब ठेकेदारों ने पूर्ण रूप से साइट्स पर लौटना शुरू कर दिया है। रविवार से ही कई स्थानों पर दोबारा काम शुरू हो गया। अब सारी तैयारियों को युद्धस्तर पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि 1 दिसंबर तक विधानसभा परिसर पूरी तरह तैयार हो जाए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि सभी लंबित कामों को चरणबद्ध तरीके से तेजी से पूरा किया जाएगा।
नागपुर में ठेकेदारों के काम बंद आंदोलन से विधानसभा के आगामी शीत सत्र पर मंडरा रहा संकट आखिरकार टल गया है। सरकार की ओर से तात्कालिक हस्तक्षेप और भुगतान संबंधी आश्वासन के बाद ठेकेदारों ने आंदोलन खत्म कर काम दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है। इससे शीत सत्र की तैयारियों को समय पर पूरा करने की बड़ी राहत मिल गई है।
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