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Nagpur

रामदेव बाबा साधू संत नहीं बल्कि कारोबारी है, टैक्स माफ़ी पर विजय वडेट्टीवार का सरकार पर प्रहार


नागपुर: योग गुरु बाबा रामदेव पर कांग्रेस नेताओं का गुस्सा अभी समाप्त नहीं हुआ है। एक बार फिर कांग्रेस ने बाबा के कारोबार को लेकर निशाना साधा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “रामदेव बाबा साधू संत नहीं बल्कि कारोबारी है। इस कारण सरकार द्वारा टैक्स माफ़ करना पूरी तरह गलत है, इस मंशा पर सवाल उठना लाजमी है।”

ज्ञात हो कि, राज्य सरकार ने स्थापित होने वाले पतंजलि विद्यापीठ को टैक्स में राहत देने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल इसको लेकर शिंदे-फडणवीस सरकार पर हमलावर हो गई है। विपक्षी दल लगातार सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए फायदा पहुंचाने का आरोप लगा रहे हैं।

वडेट्टीवार ने कहा, “एक तरफ राज्य पर कर्जा बढ़ता जा रहा है। चार-चार महीने तक आंगनवाड़ी सेविकाओं को तनख्वा नहीं दी जाती। राज्य पर कर्जा बढ़ता जा रहा है। आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। नागरिकों के लिए शुरू योजनाओं को सुचारु रखने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।”

टैक्स में छूट देने पर सवाल उठाते हुए कहा, “कौन है ये राम देव बाबा। किसी भी विद्यापीठ की स्थापना के लिए 90 प्रतिशत की राषि भरनी पड़ती है वहीं 10 प्रतिशत की छूट मिलती है। रामदेव की विद्यापीठ स्वयं संचालित विद्यापीठ है। उसको टैक्स माफ़ करने की जरूरत नहीं है। रामदेव बाबा व्यापारी है, वह इस विद्यापीठ से पैसे कमाने वाला है। वह कोई साधु-संत नहीं, बल्कि व्यापारी हो गए हैं। धंधा करना और पैसे कमाना।”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसे लोगों को टैक्स की माफ़ी देना और गरीब लोगों का पैसा ऐसे बर्बाद करना यह महाराष्ट्र का दुर्भग्य है। भविष्य में ऐसे कई खड़े हो जायेंगे और छूट की मांग करेंगे सरकार उन्हें देगी क्या?”

कांग्रेस नेता ने सरकार को घेरते हुए कहा, “राज्य सरकार के जो विश्वविद्यालय है उनकी स्थिति बेहद ख़राब है। वहां सुविधाओं का आभाव है, लेकिन ये पैसा वहां देने के बजाय रामदेव जैसे लोगों पर यह पैसा बर्बाद किया जा रहा है। इससे यह समझ आ गया है कि, राज्य सरकार की क्या मानसिकता है।”

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