logo_banner
Breaking
  • ⁕ 1 अगस्त से एसटी में रियायत के लिए स्मार्ट कार्ड अनिवार्य, राज्यभर में 51 लाख यात्रियों ने कराया पंजीकरण ⁕
  • ⁕ Nagpur: धर्मांतरण के दबाव और शोषण का आरोप, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार ⁕
  • ⁕ Bhandara: वरठी में दीये की बत्ती से लकड़ी के पुराने घर में लगी आग; जान का नुकसान नहीं, घर में रखा सामान जला ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में एमडी ड्रग्स की बिक्री, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ बढ़ता जा रहा मानसून का इंताजर, उमस और गर्मी से नागरिक परेशान; विदर्भ में तापमान फिर 44 डिग्री के पार ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

नागपुर में 150 फुट ऊंची गुड़ी बनाने का रिकार्ड; गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में सूचीबद्ध होने की संभावना


नागपुर: गुड़ी पड़वा के अवसर पर नागपुर में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम हुआ है। गोदरेज आनंदम उत्सव परिवार, जनता जनार्दन जन सुरक्षा समिति और समस्त मराठा समाज की ओर से 150 फुट ऊंची गुड़ी बनाकर गुड़ी पड़वा मनाया गया। आयोजकों ने बताया कि इससे पहले इतनी ऊंची प्रतिमा नहीं बनाई गई है और यह रिकार्ड गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया जाएगा।

इस भव्य आयोजन के लिए गोदरेज आनंदम सिटी गणेशपेठ में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस अनूठी पहल के लिए विभिन्न संगठनों ने मिलकर कड़ी मेहनत की। सुबह विधिवत पूजा-अर्चना के बाद गुड़ी की स्थापना की गई। यह त्यौहार पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और झांझों की ध्वनि तथा पारंपरिक नृत्य के साथ मनाया गया। चूंकि गुड़ी पड़वा हिंदू नववर्ष का पहला दिन है, इसलिए इस दिन गुड़ी स्थापित करने की परंपरा है। हालाँकि, नागपुर की इस पहल ने नया इतिहास रच दिया है। गुड़ी को आकर्षक वस्त्र, फूलों की माला, नीम के पत्ते और चमकदार चांदी के कटोरे से सजाया गया था। ऊंची गुढ़ी बनाने के लिए तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विशेष डिजाइन तैयार किया गया।

इस कार्यक्रम में प्रकाश खंडागले सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उन्होंने विशेष रूप से इस रिकार्ड तोड़ने वाली पहल की प्रशंसा की। आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य मराठी संस्कृति को पुनर्जीवित करना और इसकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। इस ऐतिहासिक क्षण में बड़ी संख्या में नागपुरवासी उपस्थित थे। कई लोगों ने इस अनोखी गुड़ी की तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए। आयोजकों ने बताया कि इस रिकार्ड को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में आधिकारिक रूप से दर्ज कराने के लिए अगली प्रक्रिया चल रही है। गुड़ी पड़वा के अवसर पर नागपुर द्वारा स्थापित यह कीर्तिमान निश्चित रूप से ऐतिहासिक होगा और भविष्य में अन्य शहरों के लिए प्रेरणादायी होगा।