logo_banner
Breaking
  • ⁕ महायुति में अंदरूनी घमासान पर सीएम सख्त; वर्षा बंगले पर हुई समन्वय बैठक, 70-30 फंड और निगम बंटवारे के फॉर्मूले पर लगी मुहर ⁕
  • ⁕ महायुति सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, किसान कर्जमाफी योजना की दूसरी किस्त जारी; दो चरणों में 12.58 लाख से ज्यादा किसानों को लाभ ⁕
  • ⁕ ईद-ए-मिलाद से पहले नागपुर पुलिस अलर्ट मोड पर, परिमंडल-4 में दंगा काबू के लिए की गई रिहर्सल और रूट मार्च ⁕
  • ⁕ Amravati: शहर के 90 अस्पतालों को नवीनीकरण के निर्देश, नगर पालिका के बार-बार नोटिस देने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Buldhana: बुलढाणा जिला बैंक में 'सहकार' पैनल की जीत, 21 में से 19 सीटें जीती ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Nagpur

विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे को कौशल विकास मंत्री मंगल प्रसाद लोढ़ा ने चुनौती, “मेरे खिलाफ सबूत दें, मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा”


नागपुर: पिछले सप्ताह जब विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने मुंबई के पालक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा का नाम लेते हुए सीधे तौर पर अवैध निर्माण को खुली आंखों से देखने का गंभीर आरोप लगाया था. इस पर कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि अंबादास दानवे ने मेरा नाम लिया. मेरे द्वारा कोई अवैध कार्य नहीं किया गया है. लोढ़ा ने उनके खिलाफ साबुत देने की बात कहकर इस्तीफा देने की बात की.  

लोढ़ा ने कहा, “10 वर्षों से मेरा परिवार विभिन्न व्यवसायों में है. पारिवारिक व्यवसाय दुनिया भर में फैला हुआ है। जायज काम करके पैसा कमाना. मेरे द्वारा कोई अवैध कार्य नहीं किया गया है. 30 वर्षों तक विधान सभा के सदस्य रहा, कोई गैरकानूनी काम नहीं किया गया. क्या सार्वजनिक जीवन में पारिवारिक व्यवसाय में रहना अपराध है?”

इस पर सवाल उठाते हुए विपक्षी दल के नेता ने उपसभापति नीलम गोरे से इस्तीफा देने की तैयारी जताते हुए कहा कि वह मेरे खिलाफ सबूत देंगे और मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे.

मंगल प्रसाद लोढ़ा अपना इस्तीफा अपने साथ लाए थे और उपाध्यक्ष को सौंप रहे थे लेकिन उपाध्यक्ष नीलम गोरे ने उनसे इस्तीफा न देने का अनुरोध किया. इस मौके पर लोढ़ा ने ये भी कहा, “मेरे द्वारा एक इंच भी अवैध काम नहीं किया जाता है और हम पूरी पारदर्शिता के साथ काम करते हैं.” 

इस पर संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि हॉल में नाम लेना हो तो नोटिस देने का नियम है. नियम स्पष्ट होने के बावजूद ऐसा बार-बार क्यों हो रहा है? ऐसा सवाल उठाया गया. इसके बाद उपसभापति नीलम गोरे ने हस्तक्षेप करते हुए मामले को रोकने का निर्देश दिया.