logo_banner
Breaking
  • ⁕ पुणे के हिंजेवाड़ी शिवाजीनगर मेट्रो की तीन-लेन लाइन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया उद्घाटन ⁕
  • ⁕ कलमेश्वर एमआईडीसी की केमफील्ड कंपनी में स्टीम बॉयलर फटने से जोरदार धमाका, बॉयलर विस्फोट में तीन मजदूर मामूली घायल ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में फिर बदलेगा मौसम, विदर्भ के 6 जिलों में येलो अलर्ट, बारिश की जताई संभावना ⁕
  • ⁕ अमरावती को मिली बड़ी सौगात! एयर इंडिया फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी को DGCA की मंजूरी, जल्द शुरू होगी पायलटों की ट्रेनिंग ⁕
  • ⁕ स्टार एअर की पुणे-नागपुर विमान सेवा बंद, दिवाली से पहले विमान सेवा बंद होने से यात्रियों की बढ़ी परेशानी ⁕
  • ⁕ Chandrapur: इरई बांध में 68 प्रतिशत जल भंडार शेष, "न करें पानी की कटौती", किशोर जोरगेवार की मांग ⁕
  • ⁕ किसानों की आत्महत्या पर प्रकाश आंबेडकर का विवादित बयान, बोले- पहले 10 नेताओं को मारो, फिर मरो! ⁕
  • ⁕ नागपुर अधिवेशन के खर्च में ₹42 करोड़ की बढ़ोतरी, खर्च ₹86.90 करोड़ से बढ़कर ₹129.05 करोड़ रुपये ⁕
  • ⁕ लाडकी बहनों को ₹3,000 रुपये का इंतजार, सितंबर-अक्टूबर की किस्त अटकी! ⁕
  • ⁕ Yavatmal: दिग्रस में शादी का झांसा देकर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप, तीन लोगों पर मामला दर्ज ⁕
Akola

Akola: विधायक पडलकर के खिलाफ गुस्से की लहर, ईसाई समुदाय ने की इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग


अकोला: विधायक गोपीचंद पडलकर द्वारा 15 जून को सांगली जिले में हिंदू जन आक्रोश मोर्चा में कथित तौर पर ईसाई पादरियों की पिटाई करने और हत्या करने का खुला आह्वान करने तथा 11 लाख रुपये का इनाम घोषित करने के विरोध में पूरे महाराष्ट्र में गुस्से की लहर भड़क उठी है। उनके इस बयान की निंदा करते हुए, गुरुवार 10 जुलाई को अकोला जिले के ईसाई समुदाय ने जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपे गए एक ज्ञापन में विधायक पडलकर की कड़ी निंदा की और ईसाइयों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए उनकी गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग की।

ईसाई प्रतिनिधिमंडल ने मीडिया से बात करते हुए चिंता व्यक्त की कि विधायक पडलकर के घृणित बयानों से ईसाई धार्मिक नेताओं के जीवन और पूजा स्थलों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। बयान में आगे कहा गया है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 25, 26 के अनुसार प्रत्येक नागरिक को समानता और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है।

हालाँकि, पडलकर का बयान संविधान का उल्लंघन करता है और समाज में विभाजन और हिंसा को उकसाता है। इसलिए जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक अकोला सांसद, विधायकों आदि को भेजे गए एक बयान में मांग की गई है कि विधायक पडलकर के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज किया जाए और उनका विधायक का दर्जा रद्द किया जाए।