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Nagpur

केदार को अब सर्वोच्च न्यायालय का सहारा, हाईकोर्ट से याचिका ख़ारिज होने के बाद राजनीतिक भविष्य पर लगा प्रश्नचिन्ह


नागपुर: नागपुर मध्यवर्ती बैंक घोटाले में दोषी सुनील केदार की मुश्किलें बढ़ गई है। सजा पर रोक लगने और विधायकी को बहाल करने वाली याचिका को बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने गुरुवार को खारिज दिया है। उच्च न्यायालय से लगे झटके के बाद और अपने राजनीतिक भविष्य को देखते हुए केदार ने सर्वोच्च न्यायालय जानें का निर्णय लिया है। केदार आज अपनी सजा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे।

ज्ञात हो कि, 22 नवंबर 2023 को सुनील केदार को 5 वर्ष की सजा और साढ़े 15 लाख रुपए के दंड की सजा जिला सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गई थी. और इस सजा के बाद सुनील केदार की विधायकी भी रद्द हो गई थी.

इस मामले में उन्होंने उच्च न्यायालय में उनको मिली सजा को रद्द करने और उनकी विधायकी को बहाल करने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे उच्च न्यायालय ने केदार की याचिका को ख़ारिज कर दी। लोकसभा में मिली जीत और जमानत मिलने के बाद केदार को लग रहा था उच्च न्यायालय से राहत मिलेगी हालांकि, उन्हें बडा झटका लगा है। 

अपने राजनीतिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए केदार में अब सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। केदार की तरफ से शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। इसी के साथ केदार के वकीलों द्वारा इसपर जल्द से जल्द सुनवाई की मांग भी की जय जाएगी ऐसी जानकारी सूत्रों द्वारा मिली है। हालांकि, देखना होगा की सर्वोच्च न्यायालय याचिका पर कितनी जल्दी सुनवाई करता है।