logo_banner
Breaking
  • ⁕ नाना पटोले की भाजपा में होगी वापसी! विधायक परिणय फुके ने किया बड़ा दावा; चर्चाओं का बजार हुआ गर्म ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

'गोरेवाड़ा बायोडायवर्सिटी पार्क' के संबंध में मुख्यमंत्री ने ली बैठक, कहा- निर्माण के लिए धनराशि का कुछ हिस्सा देगी सरकार


नागपुर: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में नागपुर स्थित उनके रामगिरी निवास में 'गोरेवाड़ा स्थानीय जैवविविधता पार्क, प्रकृति संपर्क और अनुभव केंद्र' की प्रस्तुति के संबंध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोरेवाड़ा बायो डाइवर्सिटी पार्क के निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि का कुछ हिस्सा सरकार और कुछ हिस्सा सीएसआर के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने की बात कही।

फडणवीस ने कहा कि समाज के हर वर्ग में प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन की भावना पैदा करने के लिए प्रकृति के माध्यम से लोगों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास जताया कि गोरेवाड़ा क्षेत्र में लगभग 3 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में प्रस्तावित जैव विविधता पार्क इसके लिए एक उत्कृष्ट माध्यम होगा।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि इसके निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि का कुछ हिस्सा सरकार द्वारा तथा कुछ हिस्सा सीएसआर के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। यह जैव विविधता पार्क तीन सिद्धांतों - पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव के आधार पर बनाया जाएगा। छात्रों को विभिन्न अनुसंधान और शिक्षा के अवसर मिलेंगे। इससे कृषि, विज्ञान, वानिकी और जैव विविधता के क्षेत्र में अध्ययन करने वाले छात्रों को विशेष लाभ होगा।

यहां विभिन्न प्रकार के पेड़ लगाए जाएंगे जो पहले उगाए गए हैं और इस मिट्टी के अनुकूल हैं। इस स्थान पर 150 से अधिक बांस की किस्मों की खेती की जाएगी। यह पार्क में देवराई वन, नक्षत्र वन, राशि वन, औषधीय वनस्पति अनुसंधान एवं संरक्षण, तितली एवं जुगनू वन, मृदाओं की विविधता को संरक्षित करने वाला हॉल, वर्षा मापन, दिशा विज्ञान, योग क्षेत्र, शांति क्षेत्र जैसी चीजें होंगी।