logo_banner
Breaking
  • ⁕ 1 अगस्त से एसटी में रियायत के लिए स्मार्ट कार्ड अनिवार्य, राज्यभर में 51 लाख यात्रियों ने कराया पंजीकरण ⁕
  • ⁕ Nagpur: धर्मांतरण के दबाव और शोषण का आरोप, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार ⁕
  • ⁕ Bhandara: वरठी में दीये की बत्ती से लकड़ी के पुराने घर में लगी आग; जान का नुकसान नहीं, घर में रखा सामान जला ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में एमडी ड्रग्स की बिक्री, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ बढ़ता जा रहा मानसून का इंताजर, उमस और गर्मी से नागरिक परेशान; विदर्भ में तापमान फिर 44 डिग्री के पार ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

बाघ शव मामला: पुलिस ने छह आरोपियों को किया गिरफ्तार, 24 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा


नागपुर: जिले के खापा वन क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई थी, जहाँ बिजली का करंट लगाकर बाघ को मार डाला था। कोरमेटा क्षेत्र के सिरोंजी सीमा के भंगाला नाला में घटी मामले में अदालत ने छह आरोपियों को 24 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जिनमें से चार नागपुर जिले के और दो मध्य प्रदेश के हैं।

आरोपियों में पंढरी कुंभार, किशोर भलावी, नंदू भलावी, माणिक सिलु (सभी सावनेर) और राजू दरसमा तथा एक अन्य आरोपी (दोनों मध्य प्रदेश) शामिल हैं। आरोपियों ने लोहे के तार और बांस की डंडियों का उपयोग करके बिजली का जाल बिछाया था।

वन विभाग की प्रारंभिक जांच में दो संभावित कारण सामने आए हैं। एक यह कि बाघ का शिकार जादू-टोने के लिए किया गया होगा, जबकि दूसरी यह कि बाघ होली के लिए जंगली सूअर या हिरण के शिकार के लिए बिछाए गए जाल में फंस गया होगा।

तीन से साढ़े तीन साल के इस बाघ के शरीर के अंग, जैसे मूंछ, दांत और पंजे, शिकारियों द्वारा चुरा लिए गए हैं। वन विभाग ने मध्य प्रदेश के आदिवासी गांवों सरदोनी, सावरनी, चकरा, चौरे पठार और तोरणी में विशेष जांच अभियान चलाया। इस क्षेत्र के कुछ कुख्यात अपराधियों से पूछताछ की गई और उन्हें छोड़ दिया गया।

सहायक वन संरक्षक वी.सी. गंगावने और वन रेंज अधिकारी एस.जी. अठावले के नेतृत्व में जांच चल रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह बात सामने आई है कि इस क्षेत्र में आदिवासी समूह पहले जादू-टोने के लिए और फिर आदत के कारण जंगली जानवरों का शिकार कर रहे हैं।