ऑपरेशन टाइगर के बीच एक ही फ्लाइट से मुंबई से नागपुर के लिए निकले उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस, 'फ्लाइट सफर' से चर्चाओं का दौर शुरू
नागपुर: महाराष्ट्र के सियासी हलके से इस वक्त की जो सबसे सनसनीखेज और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, उसने पूरी राज्य की राजनीति में कयासों का एक ऐसा बाजार गर्म कर दिया है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। एक तरफ शिवसेना ठाकरे गुट को अब तक का सबसे तगड़ा झटका लगा है, जहां उसके 9 सांसदों में से पूरे 6 सांसदों ने अचानक उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर मुंबई में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिंदे गुट का दामन थाम लिया है, तो वहीं दूसरी तरफ इस महा-बगावत के ठीक बाद आसमान में एक ऐसी सियासी हलचल दर्ज की गई जिसने सबके होश उड़ा दिए हैं।
दरअसल, 'ऑपरेशन टाइगर' के नाम से मशहूर हुए इस बड़े दलबदल के बाद जहां ठाकरे गुट शिंदे सेना पर तो आगबबूला है लेकिन भाजपा पर तीखे हमले करने से बच रहा था, उसी बीच मुंबई से नागपुर जाने वाली इंडिगो की एक रेगुलर फ्लाइट में खुद उद्धव ठाकरे और राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक साथ सफर करते हुए नजर आए हैं। जैसे ही दोनों बड़े नेताओं का सामना विमान के भीतर हुआ, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगे बढ़कर बेहद गर्मजोशी से उद्धव ठाकरे से न सिर्फ हाथ मिलाया बल्कि काफी देर तक दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का हाल-चाल भी जाना।
इस बेहद चौंकाने वाले सफर के दौरान उद्धव ठाकरे के साथ उनके बेटे आदित्य ठाकरे, सांसद संजय राउत और ठाकरे गुट के कई अन्य आला नेता भी मौजूद थे, लेकिन सबकी नजरें सिर्फ उद्धव और फडणवीस की इस जुगलबंदी पर ही टिकी रहीं। एक तरफ जहां बैकग्राउंड में शिवसेना के भीतर इतनी बड़ी टूट हुई है और दोनों गुटों के बीच जमीन पर तलवारें खिंची हुई हैं, वहीं आसमान में हुए इस दोस्ताना सफर और मुलाकात पर खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह कहकर सस्पेंस और गहरा कर दिया है कि "हम तीनों फ्लाइट में मिले, यही अपने आप में सबसे बड़ी खबर है।"
अब राजनीति के विशेषज्ञ इस मुलाकात के पीछे के क्रोनोलॉजी और टाइमिंग को समझने में जुट गए हैं कि क्या 6 सांसदों के टूटने और इस हवाई मुलाकात के बीच महाराष्ट्र की सियासत में कोई नया नया समीकरण आकार ले रहा है।
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