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केंद्रीय मंत्री डॉ. भागवत कराड़ का निजी बैंकों पर बड़ा आरोप, कहा- सरकारी योजनाओं में इन्हें कोई रूचि नहीं


नागपुर: केंद्र सरकार की योजनाओं में राज्य खासकर विदर्भ के पिछड़ने को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. भागवत कराड ने निजी बैंकों पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, "प्राइवेट बैंकों का  केंद्र सरकार की सहायता योजनाओं का लाभ नागरिकों को दिलाने में कोई रूचि नहीं दिखा रहे हैं।"

बुधवार को केंद्रीय मंत्री नागपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने निजी और सार्वजनिक बैंकों के अधिकारीयों के साथ बैठक की। इस बाद आयोजित प्रेस वार्ता में यह बात कही। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि, विदर्भ के पिछड़े जिलों जैसे गडचिरोली, वाशिम में योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए और कदम उठाने की आवश्कयता है।

कराड ने कहा, केंद्र सरकार की जनधन योजना के जरिए बैंकों में 50 करोड़ से ज्यादा खाते खोले गए। देश में पहली बार कोई राष्ट्रीयकृत बैंक मुनाफे में आया है। उन्हें 1 लाख 4 हजार करोड़ का मुनाफा हुआ है. बैंकों का एनपीए कम हुआ है. कॉरपोरेट सेक्टर में एनपीए की मात्रा कम हुई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हालाँकि केंद्र सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन में राष्ट्रीयकृत बैंकों की भागीदारी सकारात्मक है, लेकिन निजी क्षेत्र के बैंकों की भागीदारी कम है। इसे बढ़ाने के लिए जल्द ही दिल्ली में इन बैंकों के चेयरमैनों की बैठक बुलाई जाएगी।" विदर्भ में किसानों की मौतें और बैंकों द्वारा ऋण नहीं बाँटें जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, इस संबंध में अधिकारीयों को निर्देश दिए हैं।"