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Nagpur

Waqf Bill: सड़क पर उतरे आयुक्त डॉ. रविंद्र सिंघल, 5000 पुलिसकर्मियों के साथ उपराजधानी में किया फ्लैग मार्च


नागपुर: संसद से वक्फ बिल पास होने के बाद से देशभर में हाई अलर्ट है। मौलाना और मौलवियों सहित मुस्लिम नेताओं ने वक्फ कानून के खिलाफ देशभर में शाहीन बाग़ जैसा आंदोलन करने का ऐलान किया है। जिसको देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। इसी क्रम में शुक्रवार रात को नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ. रवींद्र सिंघल ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला। शहर के मेयो चौक से शुरू हुआ यह मार्च पुलिस मुख्यालय में जाकर समाप्त हुआ। इस मार्च में नागपुर पुलिस विभाग के तमाम आला अफसर सहित 5000 पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

वक्फ कानून के पास होने और हाल ही में नागपुर में हुई हिंसा को देखते हुए नागपुर पुलिस और तमाम सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क है। पुलिस विभाग लगातार शहर में कोई अप्रय्तक्षित घटना न हो और शांति बनी रहे इसको लेकर लगातार काम में लगी हुई है। वक्फ बिल को लेकर देशभर में जिस तरह की बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं रविवार को रामनवमी में किसी प्रकार की अड़चन न आएं और सब सुरक्षित निपट जाए इसको देखते हुए पुलिस ने शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला। 

पुलिस आयुक्त डॉ. सिंघल की अगुवाई में यह मार्च मेयो चौक से शुरू हुआ, जो अग्रसेन चौक, चितरोली चौक से केलीबग रोड होते हुए बड़कास चौक, जूनि मंगलवारी, गाँधी गेट, तिलक पुतला चौक, गाँधी सागर चौक, कॉटन मार्किट चौक, बर्डी बाजार, वैराइटी चौक, संविधान चौक होते हुए नागपुर पुलिस मुख्यालय में जाकर समाप्त हुआ।

सोशल मीडिया पर पुलिस की कड़ी नजर 

नागपुर में हुई हिंसा का सबसे प्रमुख कारण सोशल मिडिया पर झूठी जानकारी वायरल करना रहा। फेक खबरों के कारण स्थिति काबू से बेकाबू हुई। हिंसा के बाद से ही पुलिस लगातार सोशल मीडिया पर कड़ी नजर बनाये हुए हैं। पुलिस हर उस अकाउंट की कड़ी निगरानी कर रही है, जो भी उग्र और हिंसा को बढ़ावा देने या दो समाज में द्वेष फ़ैलाने वाला पोस्ट कर रहा है। वक्फ बिल के पास होने के बाद नागपुर पुलिस ने अडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें नागपुर पुलिस ने नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करने का आवाहन किया। इसी के साथ आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान या पोस्ट डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतवनी भी दी।