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Nagpur

कांग्रेस में हम साथ-साथ हैं; राउत, चतुर्वेदी और मुत्तेमवार के बाद दो और नेता हुए एक; बढ़ेगी गडकरी की मुश्किलें


नागपुर: चुनावी मौसम कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत शुभ दिखाई दे रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को चुनावी मैदान में पटखनी देने के लिए कट्टर दुश्मन एक हो गए हैं। पिछले दिनों विलास मुत्तेमवार, नितिन राउत और सतीश चतुर्वेदी के एक साथ आने के बाद दो और नेता अपने सभी मन मुटाव भूलकर एक साथ आ गए हैं। हम बात कर रहे हैं शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे और पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल गुडधे पाटिल की। दोनों नेताओं की अदावत किसी से छुपी नहीं है, लेकिन चुनावी मौसम में दिनों एक साथ आ खड़े हुए हैं। 

कहते है होली में बड़े से बड़े दुश्मनों के बैर मोहब्बत के रंग से मिट जाते है. होली के रंगो के बीच देश में चुनावी रंग भी चढ़ चुका है। ऐसे में कई राजनीतिक रंग दिखाई दे रहे है। गुटबाजी नागपूर शहर कांग्रेस की पहचान रही है लेकिन ऐन चुनाव से पहले हालात बदलें-बदले नज़र आ रहे है। कुछ दिनों पहले ही पूर्व सांसद विलास मुत्तेमवार के घर में कांग्रेस का शक्तिप्रदर्शन दिखा था। इसके बाद अब बड़े नेताओ के साथ अन्य नेताओं के मन भी मिलते हुए दिखाई दे रहे है।

नागपुर में विकास ठाकरे और प्रफुल्ल गुडधे पाटिल की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता प्रसिद्ध थी लेकिन अब इन दोनों नेताओं के बीच मनमुटाव ख़त्म होता दिखाई दे रहा है। इन दोनों कांग्रेसी नेताओं के बारे में प्रसिद्ध था की अपनी-अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते यह एक दूसरे की शक्ल देखना तक पसंद नहीं करते थे लेकिन अब हालत बदल चुके है।

नागपुर में कांग्रेस की ज़मीन मजबूत करने और नितिन गड़करी को टक्कर देने दोनों बड़े नेताओ के साथ आ चुके है। दोनों पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में न केवल साथ आये बल्कि ठाकरे और गुडधे की बड़ी ही आत्मीयता से बातचीत भी हुई। दोनों नेताओ के इस मन मिलन पर यूसीएन न्यूज़ ने इनकी प्रतिक्रिया जानी।



किसी तरह की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता नहीं 

ठाकरे से मन मिलन को लेकर गुडधे ने कहा, विकास ठाकरे के साथ मेरी किसी तरह की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता नहीं थी। कांग्रेस संविधान को बचाने का प्रयास कर रही है। असल प्रतिद्वंदिता भाजपा में बड़े नेताओं के बीच है। एक ही पार्टी में होने के नाते अक्सर ठाकरे से मुलाकात और बातचीत होती रहती है। पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में हमारी मुलाकात और बातचीत हुई। लोकसभा चुनाव को लेकर हमने रणनीति बनाई।


अब केवल राहुल गांधी का गुट

विकास ठाकरे ने कहा, "प्रफुल्ल गुडधे और मैं रिश्तेदार है।एक ही प्रभाग में रहते है.पारिवारिक कार्यक्रमों के अक्सर हमारी मुलाकात होती है.एक ही पार्टी में रहते हुए पदों और राजनीतिक महत्वाकांक्षा और प्राप्त  जिम्मेदारियों के संदर्भ में इसे मनमुटाव के तौर पर प्रस्तुत किया जाता है. नागपुर में कांग्रेस के सभी गुट एक हो चुके है। शहर कांग्रेस में सिर्फ राहुल गांधी का गुट है। हम मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे।"

नागपुर में कांग्रेस ने अब तक अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है लेकिन विकास ठाकरे को प्रबल दावेदार माना जा रहा है। कांग्रेस ने चुनावी तैयारियां भी शुरू कर दी है। खास ही की गुडधे और ठाकरे नागपुर में बड़ा फैक्टर साबित होने वाले कुणबी समाज से आते है। वहीं कांग्रेस के सभी गुटों के एक होने से केंद्रीय मंत्री गडकरी की मुश्किलें बढ़ सकती है।

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