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संघर्ष की जीत: खेलने के लिए नहीं थे टी-शर्ट और ट्रैकपेंट, अब यूके दौरे पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगी यवतमाल की 'तनू'


यवतमाल: कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो गरीबी और अभाव की बेड़ियां भी रास्ता नहीं रोक सकतीं। इसे सच कर दिखाया है महाराष्ट्र के यवतमाल (लोहारा) की रहने वाली 20 वर्षीय तनुश्री कडू ने। तनुश्री का चयन भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में हुआ है, जो आगामी 5 से 14 जुलाई तक यूनाइटेड किंगडम (UK) के दौरे पर जा रही है। एक ऐसी झोपड़पट्टी से निकलकर, जहां बुनियादी सुविधाओं का अकाल था, अंतरराष्ट्रीय मैदान तक पहुंचना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

घर में शौचालय तक नहीं था, स्कूल छोड़ने की आ गई थी नौबत
तनुश्री का यह सफर बेहद दर्दनाक और संघर्षपूर्ण रहा है। वह यवतमाल के लोहारा इलाके की एक तंग झोपड़पट्टी में पली-बढ़ीं, जहां उनके परिवार के पास सालों तक अपना खुद का शौचालय तक नहीं था। उनके खेल शिक्षक अविनाश जोशी बताते हैं कि घर की भीषण तंगहाली के कारण तनुश्री कई बार स्कूल छोड़ने की कगार पर आ गई थीं। अभ्यास (प्रैक्टिस) करने के लिए उनके पास ढंग के कपड़े (टी-शर्ट और ट्रैकपेंट) तक नहीं थे।

दर्जी पिता का संघर्ष और गुरुओं का साथ
तनुश्री के पिता दिनेश कडू पेशे से एक दर्जी (टेलर) हैं, जो किसी अच्छे दिन पर बमुश्किल 500 रुपये कमा पाते हैं। इसी सीमित आय में उन्हें 4 लोगों का परिवार चलाना होता था। इसके बावजूद, उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को कभी मरने नहीं दिया।

तनुश्री के पहले कोच साहिद सय्यद ने 11 साल की उम्र में उनके हुनर को पहचाना था। इसके बाद 2022 में पुणे की 'क्रीडा प्रबोधिनी' में अजीत लाकड़ा, सागर करंडे और इमरान शेख जैसे दिग्गजों से उन्हें ट्रेनिंग मिली। साल 2024 में 'भारतीय खेल प्राधिकरण' (SAI) ने मुंबई के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए उनका चयन किया, जहां कोच प्रमोद शिंगाड़े की देखरेख में उनके खेल में और निखार आया।

'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की रह चुकी हैं ब्रांड एंबेसडर
यह भी एक दिलचस्प संयोग है कि जब तनुश्री महज 12 साल की थीं, तब अपनी मासूम मुस्कान और खेल के प्रति जज्बे के कारण वह 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान का मुख्य चेहरा बनी थीं। बीजेपी नेता पंकजा मुंडे ने खुद उन्हें इस मुहिम के लिए ब्रांड एंबेसडर चुना था। मैदान पर मिडफिल्डर के तौर पर खेलने वाली तनुश्री इससे पहले 'हॉकी महाराष्ट्र' की तरफ से 6 नेशनल चैंपियनशिप खेल चुकी हैं।