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Wardha

Samruddhi Mahamarg: उद्घाटन हुए एक महीना पूरा, फिर भी नहीं सुविधा


वर्धा: समृद्धि महामार्ग शुरू होकर एक माह बित चुका है। मार्ग शुरू होने के उपरांत अनेक खामियां उभरकर आयी है। मार्ग से प्रतिदिन सैकडों वाहन गुजरते है। मात्र उन्हें मुख्य सुविधा उपलब्ध कराने में एमएसआरडीसी विफल रहा है। साथ यात्रियों की सुरक्षा के नजरिये से अनदेखी होने की बात सामने आयी है।नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग का प्रथम चरण शुरू किया गया है। नागपुर से शिर्डी तक का 520 किमी का मार्ग बिते माह शुरू किया गया। मार्ग शुरू होने के बाद वाहन चालक व यात्रियों के लिये सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई। परंतु अब तक केवल नाममात्र जगह पर सुविधा उपलब्ध हुई है। 

मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को पिने के पानी के साथ खानपान भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वर्धा से निकलने के उपरांत बुलढाणा जिले की सिमा पर एक पेट्रोल पम्प के पास खानपान की सुविधा टपरी पर उपलब्ध है। खानपान के लिये वाहन चालक यहां सडक किनारे वाहन खडा कर मार्ग पार करते है। जिससे बडी अनहोनी का खतरा निरंतर बना हुआ रहता है। शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण ट्रक व वाहन चालक अपना वाहन खडा कर पास परिसर के खेतों का सहारा लेते है।

वाशिम जिले में एक मार्ग से यातायात

समृद्धि महामार्ग का काम वाशिम जिले में अब तक पुर्ण नहीं हुआ है। वाशिम टोल प्लाझा के कुछ दुरी से लेकर वनोज गांव तक सडक का काम पुर्ण नहीं होने के कारण एक ही छोर से दोनों ओर के वाहन दौड रहे है़ करीब 10 किमी के मार्ग का काम वर्तमान में चल रहा है। यह काम पुरा होने के लिये और दो से तीन माह का समय लग सकता है। एक छोर से वाहन गुजरते समय केवल प्लास्टिक के खंबे डिवायडर के रूप में लगाये गये है। ऐसें में बडी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

सड़कों पर जानवरों की चहलकदमी 

समृद्धि महामार्ग सुरक्षा दृष्टी से सबसे अधिक सुरक्षित होने का दावा किया गया था। परंतु सुरक्षा दिवार का काम पुर्ण नहीं होने के कारण मार्ग से श्वान व जानवरों का मुक्त संचार रहता है। श्वान अथवा जानवर सडक पर आने के कारण दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। बिते एक माह में सबसे अधिक दुर्घटना इसी कारण होने की बात सामने आयी है।

गति पर नियंत्रण नहीं

मार्ग से वाहन चालक अपने गतंव्यय पर जल्दी पहुचने के लिये गति पर नियंत्रण नहीं रखते है। मार्ग पर कार के लिये 120 की तथा अन्य वाहनों के लिये 80 की गती रखी गई है। मात्र कोई भी वाहन गती की और ध्यान न देते हुए तेज रफ्तार वाहन दौडाता है। जिससे गती पर कोई अंकुश नहीं रहता। खानपान की सुविधा नहीं होने के कारण वाहन कही पर नहीं रूकता। जिससे दुर्घटना का खतरा निरंतर बना हुआ रहता है।