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Wardha

Wardha: जिले में बड़ी सनसनी! प्रसिद्ध 'गोरस भंडार' पर एफडीए का छापा, तुकाराम मुंढे कडक एक्शन में!


वर्धा: वर्धा जिले से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। शुद्धता और विश्वसनीयता का बड़ा दावा करने वाले वर्धा के बेहद मशहूर 'गोसंवर्धन गोरस भंडार' पर अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) की टीम ने सीधे छापेमारी की है। इस नामचीन प्रतिष्ठान में ग्राहकों की सेहत के साथ खुलेआम समझौता किए जाने की बात सामने आने के बाद से पूरे वर्धा जिले के व्यापारिक और सामाजिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है। एफडीए के विशेष दस्ते ने अचानक धावा बोलते हुए मौके से घी, मावा (खवा), प्रसिद्ध गोरसपाक और अन्य दुग्धजन्य पदार्थों के ढेर सारे सैंपल जब्त किए हैं, जिन्हें तुरंत जांच के लिए प्रयोगशाला (Lab Testing) भेज दिया गया है।

इस छापेमारी की प्राथमिक जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे बेहद हैरान करने वाली हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गोरस भंडार के उत्पादन केंद्र में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों का सरेआम उल्लंघन होता पाया गया। इतना ही नहीं, वहां स्टोर करके रखे गए खाद्य पदार्थों की क्वालिटी को लेकर भी बेहद गंभीर खामियां उजागर हुई हैं, जिसके बाद अधिकारियों ने घटिया स्तर के कुछ डेयरी प्रोडक्ट्स को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। इस पूरे मामले में सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि कुछ रेडी प्रोडक्ट्स पर मैन्युफैक्चरिंग डेट (उत्पादन दिनांक), बैच नंबर और अन्य जरूरी जानकारियां तक गायब थीं।

गौरतलब है कि इससे पहले साल 2020 में भी इसी संस्था के खिलाफ नियमों के उल्लंघन की कार्रवाई की गई थी, लेकिन ऐसा लगता है कि इस बड़े सप्लायर ने प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की ज़हमत नहीं उठाई। इस पूरे सनसनीखेज मामले पर अब सीधे राज्य के एफडीए कमिश्नर (FDA Commissioner) और अपनी कड़क कार्यप्रणाली के लिए मशहूर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है।

कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि शुद्ध और सुरक्षित भोजन पाना हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है और लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी बड़े से बड़े रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा। अब हर किसी की नजरें प्रयोगशाला से आने वाली अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि इस नामी ब्रांड के खिलाफ कितनी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है