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Wardha: जिले में रेत की किल्लत; दोगुनी कीमत देने बावजूद नहीं मिल रही, घर बनाने के काम रुके


वर्धा: जिले के समुन्द्रपुर तहसील में पिछले कुछ दिनों से रेत की भारी किल्लत चल रही है। घर बनाने वाले दोगुनी कीमत देने के लिए भी तैयार बैठे हैं, लेकिन रेत नहीं मिल रही है। इसके कारण घर बनाने के काम पूरी तरह रुक गया है। जिससे मजदूर वर्ग और कारोबारी परेशान है। बिल्डिंग मटेरियल कारोबारी बिना कामकाज के बैठे हुए हैं। चोरी छुपे आने वाली रेत के दाम आसमान छू रहे हैं जो आम लोगों की पहुंच से कोसों दूर है। जिस कारण हर प्रकार के निर्माण कार्य ठप होकर रह गए हैं। 

रेत की कमी से 400 साइट्स बंद 

रेत की उपलब्धता नहीं होने के कारण से सरकारी और प्राइवेट कंस्ट्रक्शन पर ब्रेक लग गया है। मकानों से लेकर गली-नाली तक के निर्माण का कार्य रुक गये है। शहर व क्षेत्र में रेत की किल्लत के कारण  चल रहे लगभग 400 कंस्ट्रक्शन के कार्य बंद पड़े हैं। इसके अलावा रेत मजदूर व रेत का कार्य करने वाले करीब 500 मजदूर भुखमरी की कगार पर हैं। उनका कहना है कि अगर कुछ दिन इस तरह रेत का कारोबार ठप रहा तो उन्हें परिवार काे पालना मुश्किल हो जाएगा।

 रेत घाटों की नीलामी नहीं होने से बढ़ी मुश्किलें

दूसरे जिले से आने वाली रेत के भाव आसमान छू रहे हैं। रॉयल्टी पास वाली 300 फुट की गाड़ी 18,000 में आ रही है। जिसकी वजह से मकान बनाने वाले लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। फिलहाल रेत किल्लत से छुटकारा मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। जिले में रेत घाटों की नीलामी ना होना भी इसकी एक बड़ी वजह है।