Yavatmal: बंजरता और कर्ज से हताश हुए किसान, बजट सत्र पर लगा ध्यान
यवतमाल: बंजरता एवं ऋणग्रस्तता के कारण किसान हताश हो गए हैं। खरीफ सीजन में किसानों को नुकसान के अलावा कुछ नहीं मिला। बजट सत्र शुरू हो रहा है। किसान इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि इसमें उन्हें क्या मिलेगा।
यवतमाल जिले में नौ लाख हेक्टेयर में खरीफ की बुआई होती है। साढ़े चार लाख हेक्टेयर में कपास, 3 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन, 1.5 लाख हेक्टेयर में अरहर और अन्य फसलें उगाई जाती हैं। बुआई से लेकर कटाई तक खर्च करना पड़ता है। लेकिन, किसी भी फसल को दाम नहीं मिलता। नतीजा यह हुआ कि इस वर्ष भी खेती पर हुए खर्च का भुगतान नहीं हो सका है।
सीसीआई ने कपास खरीदना बंद कर दिया। इसके चलते आधा कपास किसानों के घरों में ही पड़ा हुआ है। बैंक कर्ज वसूली के लिए किसानों को परेशान कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान महायुति के नेताओं ने कर्ज माफी की घोषणा की थी। किसान इसे पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
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