logo_banner
Breaking
  • ⁕ ओला-उबर और रैपिडो के लिए नई नीति लाने की तैयारी, नितिन गडकरी बोले- 12 करोड़ लोगों को मिल सकता है रोजगार ⁕
  • ⁕ धर्मांतरण के बाद पुराने जातिगत दर्जे के आधार पर नहीं मिलेगा आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को ठहराया सही ⁕
  • ⁕ क्रिकेट में नया इतिहास! श्रीलंका में पहली बार होगा ‘टेस्ट ट्वेंटी’, लड़के-लड़कियां मिलकर तय करेंगे जीत ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में 40 दिनों में 36 किसानों की आत्महत्या! ₹5 हजार की मदद को यशोमति ठाकुर ने बताया ‘भीख’ ⁕
  • ⁕ DoT का नया निर्देश; नंबर सेव नहीं होने पर भी पता चलेगी कॉलर की पहचान, 4G और 5G नेटवर्क पर मिलेगी सुविधा ⁕
  • ⁕ इमरान खान की बढ़ीं मुश्किलें! 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती जिला बैंक की अंतिम सूची में 2,852 मतदाता, अक्टूबर के आखिर में बजेगा चुनाव का बिगुल ⁕
  • ⁕ Yavatmal: रालेगांव तहसील समूह में सत्ता परिवर्तन! वडकी में वर्षा तेलंगे की हार, प्रवीण कोकाटे की शानदार जीत ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Yavatmal

Yavatmal: बंजरता और कर्ज से हताश हुए किसान, बजट सत्र पर लगा ध्यान


यवतमाल: बंजरता एवं ऋणग्रस्तता के कारण किसान हताश हो गए हैं। खरीफ सीजन में किसानों को नुकसान के अलावा कुछ नहीं मिला। बजट सत्र शुरू हो रहा है। किसान इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि इसमें उन्हें क्या मिलेगा। 

यवतमाल जिले में नौ लाख हेक्टेयर में खरीफ की बुआई होती है। साढ़े चार लाख हेक्टेयर में कपास, 3 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन, 1.5 लाख हेक्टेयर में अरहर और अन्य फसलें उगाई जाती हैं। बुआई से लेकर कटाई तक खर्च करना पड़ता है। लेकिन, किसी भी फसल को दाम नहीं मिलता। नतीजा यह हुआ कि इस वर्ष भी खेती पर हुए खर्च का भुगतान नहीं हो सका है। 

सीसीआई ने कपास खरीदना बंद कर दिया। इसके चलते आधा कपास किसानों के घरों में ही पड़ा हुआ है। बैंक कर्ज वसूली के लिए किसानों को परेशान कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान महायुति के नेताओं ने कर्ज माफी की घोषणा की थी। किसान इसे पूरा करने की मांग कर रहे हैं।