logo_banner
Breaking
  • ⁕ 1 अगस्त से एसटी में रियायत के लिए स्मार्ट कार्ड अनिवार्य, राज्यभर में 51 लाख यात्रियों ने कराया पंजीकरण ⁕
  • ⁕ Nagpur: धर्मांतरण के दबाव और शोषण का आरोप, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार ⁕
  • ⁕ Bhandara: वरठी में दीये की बत्ती से लकड़ी के पुराने घर में लगी आग; जान का नुकसान नहीं, घर में रखा सामान जला ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में एमडी ड्रग्स की बिक्री, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ बढ़ता जा रहा मानसून का इंताजर, उमस और गर्मी से नागरिक परेशान; विदर्भ में तापमान फिर 44 डिग्री के पार ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Yavatmal

Yavatmal: ठेकेदार संघ के अध्यक्ष का सनसनीखेज आरोप, कहा - काम की निधि से 56 प्रतिशत बांटना पड़ता है


यवतमाल: यवतमाल जिला ठेकेदार संघ के अध्यक्ष प्रविण उमरकर ने सांसद, विधायक, मंत्री तथा कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाकर हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा है कि सरकारी विकास कार्य प्राप्त करने और निधि का भुगतान-बिल निकालने के लिए कुल रकम का तकरीबन 56 प्रतिशत विभिन्न स्तरों पर बांटना पड़ता है। इस बात पर उन्होंने शिकायती स्वर में नाराजी जाहिर की।

प्रविण उमरकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ठेकेदारों को काम करते समय कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और विकास कार्यों के निधि में से बड़ा हिस्सा जनप्रतिनिधियों व कुछ अधिकारियों को देना पड़ता है, जिससे वास्तविक काम की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में कुछ अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने राज्य सरकार से इस पूरे मामले को गंभीरता से लेने और आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे स्वयं मामले पर ध्यान दें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

इस बीच, इन आरोपों से राजनैतिक और प्रशासकीय तबके में हलचल मची है, पर संबंधित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, फिर भी उमरकर के बयान ने जिले में चर्चाओं को तेज कर दिया है।