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Amravati

Amravati: रिद्धपूर-आष्टोली में बाघिन की दहशत कायम... सड़क पर दिखा बाघ, खेत में गाय का किया शिकार


अमरावती: अमरावती के मोर्शी में बाघिन की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। रिद्धपूर-आष्टोली मार्ग पर सुबह-सुबह एक शिक्षक को बाघ दिखाई दिया... और इसके बाद जब वन विभाग ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, तो खेत में एक गाय का शिकार किए जाने का मामला सामने आया। बाघ की मौजूदगी से इलाके के किसान और खेत मजदूरों में डर का माहौल है... हालात ये हैं कि कई मजदूर काम बीच में छोड़कर घर लौट गए।

रिद्धपूर से आष्टोली जा रहे एक शिक्षक ने सड़क पर बाघ को देखा। बाघ दिखाई देने की खबर जैसे ही गांवों में फैली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने जब आसपास के खेतों में जांच की, तो रिद्धपूर के एक खेत में बाघ के पैरों के निशान भी मिले। इसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई।

वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पैरों के निशानों का पीछा करते हुए आगे बढ़ी। इसी दौरान रिद्धपूर के किसान मोहन निभोरकर के खेत में एक गाय का शव मिला। बताया जा रहा है कि किसान ने खेत में दो बैल और एक गाय बांधकर रखी थी। रात के दौरान बाघ ने गाय पर हमला किया और उसे कुछ दूरी तक घसीटकर नाले के पास ले गया, जहां उसका शिकार किया।

अब वन विभाग के सामने चुनौती है बाघ की लोकेशन का पता लगाना और उसे पकड़ना। बाघ की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए इलाके में GPS कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही उसे पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया है। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

बाघ के सड़क पर दिखाई देने और फिर गाय के शिकार की घटना के बाद रिद्धपूर, आष्टोली, तरोडा, जालनापूर और डोमक इलाके के किसानों में डर बढ़ गया है। डर का असर खेतों तक पहुंच गया है। कई खेत मजदूर सुबह काम के लिए खेतों में पहुंचे थे, लेकिन बाघ के घूमने की खबर मिलते ही उन्होंने काम बीच में ही छोड़ दिया और वापस घर लौट गए।

इलाके में लगातार बाघिन की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। किसानों और स्थानीय नागरिकों की मांग है कि वन विभाग जल्द से जल्द बाघिन को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और खेतों में कामकाज भी सामान्य हो सके।