अमरावती अस्पताल अग्निकांड: तीन नवजातों की मौत पर सख्त सरकार, बावनकुले बोले- दोषियों पर लगेगा सदोष मनुष्यवध का केस
अमरावती: अमरावती के जिला स्त्री अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग (SNCU) में लगी आग में तीन नवजात बच्चों की मौत का मामला गंभीर होता जा रहा है। घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जांच समिति की रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज किया जाएगा।
बावनकुळे ने अमरावती और बाद में नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान अस्पताल अग्निकांड समेत कई मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि घटना के बाद अस्पताल के कर्मचारियों, नर्सों और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और 36 नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। वेंटिलेटर पर रखे गए बच्चों की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है और उन्हें सामान्य ऑक्सीजन पर रखा गया है।
AIIMS विशेषज्ञों की टीम कर रही जांच
बावनकुळे ने बताया कि घटना के बाद से वह जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के लगातार संपर्क में थे। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने भी घटनास्थल का दौरा किया। मामले की जांच के लिए AIIMS के विशेषज्ञों, तकनीकी विशेषज्ञों और अग्निशमन अधिकारियों की उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है।
उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद लापरवाही के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषी पाए जाने पर सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज किया जाएगा।
फायर ऑडिट से लेकर वेंटिलेटर तक की जांच
मंत्री ने कहा कि अस्पताल में आग लगने के कारणों के साथ-साथ फायर ऑडिट में सामने आई कमियों, बिजली के पावर फ्लक्चुएशन, हाफकिन के माध्यम से उपलब्ध कराई गई मशीनरी और वेंटिलेटर तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इस संबंध में सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले से चर्चा कर अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू की गई है। सरकार यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायर सिस्टम में किसी तरह की कमी या लापरवाही क्यों रही और यदि व्यवस्था उपलब्ध थी तो वह प्रभावी रूप से काम क्यों नहीं कर पाई।
'9 करोड़ रुपये रोके गए' का दावा गलत
विपक्ष द्वारा अस्पताल के लिए 9 करोड़ रुपये की राशि रोके जाने के आरोपों पर बावनकुळे ने इसे गलत बताया। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में 2 करोड़ 73 लाख रुपये और 2025-26 में 3 करोड़ 76 लाख रुपये केवल फायर सिस्टम के लिए दिए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब फायर सिस्टम के लिए राशि उपलब्ध कराई गई थी, तो इसके बावजूद सिस्टम प्रभावी रूप से क्यों नहीं चला, इसकी भी जांच की जाएगी।
बावनकुळे के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में डफरिन अस्पताल की ओर से जिला योजना समिति (DPDC) के पास किसी अतिरिक्त निधि की मांग का प्रस्ताव लंबित नहीं था। अस्पतालों में उपकरणों की खरीद में कथित दलाली को रोकने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय समिति गठित की गई है।
AIIMS के मानकों के अनुसार होगा SNCU का पुनर्निर्माण
सरकार ने अमरावती के नवजात शिशु विभाग को अत्याधुनिक बनाने का निर्णय लिया है। बावनकुळे ने कहा कि SNCU का AIIMS के मानकों के अनुसार पुनर्निर्माण किया जाएगा और इसके लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
हनुमान गढ़ी के विकास का अस्पताल घटना से संबंध नहीं
अस्पताल अग्निकांड को अमरावती के हनुमान गढ़ी विकास के लिए जारी निधि से जोड़ने पर भी बावनकुळे ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार के बजट में अलग-अलग विभागों के लिए अलग-अलग प्रावधान होते हैं। पर्यटन और तीर्थक्षेत्र विकास का बजट स्वास्थ्य विभाग से अलग है।
उन्होंने कहा कि अमरावती में हनुमान गढ़ी के विकास तथा शहर में 110 करोड़ रुपये के CCTV नेटवर्क के लिए अलग बजट से प्रावधान किया गया है। इसलिए धार्मिक स्थलों के विकास की निधि और अस्पताल की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को जोड़ना उचित नहीं है।
17 सितंबर से विशेष राजस्व पखवाड़ा
नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान बावनकुळे ने आदिवासी किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राज्य में विशेष राजस्व पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। इस दौरान वन अधिकार कानून के तहत जमीन प्राप्त करने वाले आदिवासी किसानों को 7-इ और 12-इ के अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जाएगी। इससे उनकी जमीन का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार होगा और उन्हें केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
जिन किसानों के वन अधिकार के दावे खारिज हुए हैं या जिनके दावे में कम जमीन मंजूर हुई है, उनके मामलों की ग्राम और जिला स्तर की समितियों के माध्यम से समीक्षा की जाएगी। बावनकुळे ने कहा कि पात्र लोगों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
विदर्भ-मराठवाड़ा में बारिश की कमी
बावनकुळे ने बताया कि अगस्त महीने में विदर्भ और मराठवाड़ा में औसत से करीब 20 से 25 प्रतिशत कम बारिश हुई है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद जताई।
वहीं, फलटण में डॉक्टर की आत्महत्या के मामले पर भी उन्होंने कहा कि इसकी गहन जांच की जाएगी। यदि किसी दबाव या अन्य कारण से डॉक्टर ने यह कदम उठाया है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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