Amravati: महर्षि पब्लिक स्कूल में आदिवासी छात्र की मौत से मचा हड़कंप, परिजनों ने लापरवाही और समय पर इलाज नहीं मिलने का लगाया आरोप
अमरावती: अमरावती के विवादित महर्षि पब्लिक स्कूल में आदिवासी छात्र राजेश बेठेकर की मौत के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। राजेश की मौत के लिए स्कूल प्रशासन की लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी को जिम्मेदार बताते हुए उसके परिजनों ने शनिवार को चिखलदरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पक्ष के पदाधिकारी शुभम जवंजाळ के नेतृत्व में राजेश के पिता बाबू साबूलाल बेठेकर, भाई आशीष बाबू बेठेकर, विलास भालधरे सहित अन्य परिजन पुलिस थाने पहुंचे और महर्षि पब्लिक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
महर्षि पब्लिक स्कूल के संचालक प्रशांत राठी के खिलाफ सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज किया जाए, ऐसी मांग परिजनों ने की है। परिजनों का आरोप है कि राजेश की तबीयत बिगड़ने के बावजूद स्कूल प्रशासन ने उसकी गंभीरता से सुध नहीं ली। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हुई।
इस बीच, परिजनों की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस द्वारा मर्ग दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजेश के शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराने के लिए उपविभागीय दंडाधिकारी यानी एसडीएम से अनुमति मांगी गई थी। कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सोमवार को राजेश का शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम किया जाएगा।
सोमवार को शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम किए जाने की जानकारी दी गई है। इस बीच, राजेश के साथ ही तबीयत बिगड़ने वाले उसके चचेरे भाई रामप्रसाद बेठेकर का अस्पताल में इलाज कराया गया था।
रामप्रसाद को फूड पॉइजनिंग होने की बात डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट में सामने आई है। यह मेडिकल रिपोर्ट भी राजेश के पिता ने पुलिस को दी गई शिकायत के साथ प्रस्तुत की है। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल दस्तावेज और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही राजेश बेठेकर की मौत की असली वजह स्पष्ट होगी।
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