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Nagpur

मोदी सरकार में OBC समाज पर सबसे ज्यादा अन्याय; विजय वडेट्टीवार का केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला


नागपुर: महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने यूपीएससी में ओबीसी छात्रों की अनदेखी, राहुल गांधी पर दर्ज मामलों, बढ़ती महंगाई, राज्य में सूखे जैसे हालात और एमपीएससी पेपर लीक सहित कई अहम मुद्दों पर सरकार को आड़े हाथों लिया।

'ओबीसी छात्रों का गला घोंट रही है मोदी सरकार'
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि लोकतंत्र में अपने हक की मांग करना कोई अपराध नहीं है, इसलिए छात्रों पर दर्ज मुकदमे तुरंत वापस लिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी खुद को ओबीसी नेता बताते हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में ही सबसे ज्यादा अन्याय ओबीसी समाज पर हो रहा है। 2016 की यूपीएससी परीक्षा में 314 ओबीसी छात्र उत्तीर्ण हुए थे, लेकिन उन्हें नियमों का हवाला देकर बाहर कर दिया गया और उनकी जगह कम अंक पाने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों को नियुक्ति दी गई।"

उन्होंने आगे कहा कि अदालत ने छात्रों के पक्ष में फैसला दिया और सुप्रीम कोर्ट ने भी छह महीने के भीतर नियुक्ति का निर्देश दिया, लेकिन केंद्र सरकार (PMO) ने इसके खिलाफ अपील कर दी। अगर यह अपील न होती, तो आज 1,000 ओबीसी छात्र शीर्ष प्रशासनिक सेवाओं में होते। आज प्रशासनिक सेवाओं में ओबीसी का प्रतिनिधित्व बेहद कम है और यह मनुवादी सोच वाली सरकार बहुजन और ओबीसी विरोधी है।

राहुल गांधी पर मामला दर्ज करना सत्ता की मस्ती
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि यह पूरी तरह पागलपन और सत्ता का दबाव है। एक शीर्ष दलित नेता के भाषण के बाद उस जगह का शुद्धिकरण किया जाना कौन-सी विकृति है? शुद्धिकरण करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन दलितों की आवाज उठाने पर उल्टे राहुल गांधी पर एट्रॉसिटी का मामला दर्ज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि बुझने से पहले दिया ज्यादा फड़कता है, सत्ता में बैठे लोगों के दिन अब पूरे हो चुके हैं।

मोहन भागवत पर निशाना
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयानों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भागवत विदेश जाकर अलग बात करते हैं और देश में अलग माहौल रहता है। उनके मंत्री कहते हैं कि यह देश हमारा है और यहां दूसरे धर्म के लोग नहीं रह सकते, इस पर भागवत की क्या भूमिका है? अगर वे विदेश जैसा सहिष्णुता का रुख भारत में भी अपनाएं, तब माना जाएगा कि उनके विचारों में बदलाव आया है।

समृद्धि महामार्ग अब सुरक्षित नहीं

समृद्धि महामार्ग पर बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि महामार्ग पर गाड़ियां रोककर मारपीट और लूटपाट हो रही है। ऐसा लगता है कि सरकार का अपराधियों पर कोई खौफ नहीं बचा है। क्या सरकार इन लुटेरों को खत्म करेगी या लुटेरों को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है?

सूखे की स्थिति और बेतहाशा महंगाई

राज्य में बारिश की असमान स्थिति पर बोलते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र में गंभीर संकट है। नदियां सूखी पड़ी हैं, फसलों पर कीड़ों का प्रकोप है और किसान बेहाल हैं। सरकार को तत्काल राहत योजनाएं शुरू कर खजाना खोलना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बढ़ती महंगाई पर कहा कि दूध, चीनी, दाल, खाद्य तेल, पेट्रोल (₹112) और रसोई गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। गरीब परिवार फिर से चूल्हे पर खाना पकाने को मजबूर हैं।

MPSC पेपर लीक और आदिवासी छात्रावासों का निजीकरण
राज्य उत्पादन शुल्क परीक्षा के पेपर लीक के आरोपों पर उन्होंने कहा कि 100 में से 84 अंक मिलना संदेह पैदा करता है। जिस आरोपी के पास 100 करोड़ की संपत्ति मिली, उसके संबंध सत्ताधारी दल से हैं। अगर पैसे देकर प्रशासनिक पदों पर भर्तियां होंगी, तो राज्य की प्रतिभाओं का कोई मूल्य नहीं रहेगा। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, आदिवासी छात्रावासों को आरएसएस समर्थित ट्रस्टों को सौंपे जाने के फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने इसे आदिवासियों पर खास विचारधारा थोपने का षड्यंत्र करार दिया।