logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Amravati

Amravati: पेंटिंग करने वाले की बेटी ने किया कमाल, यूपीएससी में 63वां स्थान किया हासिल


अमरावती: अमरावती के एक पेंटिंग करने वाले की बेटी ने केंद्रीय लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की परीक्षा में अपने दृढ़ निश्चय से बड़ी सफलता हासिल की है। बच्ची का नाम पल्लवी देवीदास चिंचखेड़े है। उन्होंने लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 63वां रैंक हासिल किया है। एक गरीब परिवार की लड़की द्वारा यह उपलब्धि हासिल करने पर लोगों उसकी भूरी-भूरी प्रशंसा कर रहे हैं। 

एक मजदूर वर्ग के परिवार से ताल्लुक रखने वाली पल्लवी ने अपनी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा अमरावती में पूरी की। उन्होंने यहां के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। उसके बाद उन्हें निजी सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो में नौकरी भी मिल गई। इस अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी का लालच न देखकर उसने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली पहुंच गई। उनकी पांच साल की मेहनत रंग लाई और उन्होंने यूपीएससी 'सिविल सर्विसेज मेन' परीक्षा 2021 पास कर ली। आरक्षित सूची के परिणाम कल घोषित किए गए। इसमें उन्हें 63वां स्थान मिला था।

पल्लवी के पिता पेंटिंग कर अपना गुजारा करते हैं। माँ सिलाई करती है। पल्लवी की बहन एक बैंक में कार्यरत है। जबकि भाई सोशल वर्क कॉलेज में पढ़ रहा है। जब पल्लवी पांचवी कक्षा में थी, तो उसके पिता उसे आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे के सम्मान कार्यक्रम के लिए अमरावती के संत ज्ञानेश्वर सभागार में ले गए। पल्लवी ने कहा कि मुंडे के भाषण ने उन्हें उस समय प्रभावित किया था। मैंने बचपन से ही यूपीएससी का सपना देखना शुरू कर दिया था। लेकिन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पुणे की एक कंपनी में काम करना शुरू कर दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय थी। पल्लवी ने कहा कि यूपीएससी की तैयारी के लिए एक बड़ी रकम की जरूरत थी, जो उसने इस वेतन से एकत्र की थी।

पल्लवी ने कहा कि वह भविष्य में शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम करना चाहेंगी।पल्लवी के पिता देवीदास चिंचखेड़े ने ऐसी भावना व्यक्त की कि पल्लवी ने अपने सपने को पूरा करने के लिए अपनी पूरी कोशिश की है।