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Amravati

Amravati: मेलघाट में हो डॉक्टरों की नियुक्ति, नवनीत राणा बोली- महाविकास अघाड़ी ने केवल बनाई ईमारत


अमरावती: आदिवासी बहुल क्षेत्र मेलघाट में डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं किये जाने पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई है। इसी के साथ अदालत ने शिंदे सरकार को राज्य सेवा आयोग द्वारा चयनित 177 डॉक्टरों को तुरंत नियुक्त करने का आदेश दिया है। अदालत के इस आदेश पर अमरावती की सांसद नवनीत राणा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि, यह स्वागत योग्य फैसला है। सरकार को तुरंत कुपोषण क्षेत्र मेलघाट में चिकितसकों की नियुक्ति करनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने पिछले महाविकास अघाड़ी पर हमला भी बोला।

राणा ने कहा, "मेलघाट जैसे आदिवासी और दुर्गम क्षेत्र में चिकित्सकों उपलब्ध नहीं होने के कारण गर्भवती महिला को वहां से अमरावती लाया जाता है। वहीं अगर कोई नवजात का जन्म वहां हो गया तो उसे इमर्जेन्सी में आईसीयू में रखना हो तो उसे यहां लाना पड़ता है, जिसके कारण बीच रास्ते में ही बच्चे की मौत हो जाती है।"

महाविकास अघाड़ी सरकार पर हमला बोलते हुए राणा ने कहा कि, पिछली सरकार में जो लोग सत्ता में थे उन्होंने इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने बताया कि, तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री को मैंने मैंने मेलघाट में डॉक्टरों की नियुक्ति करने के लिए पत्र तक लिखा था, लेकिन उन्होंने इसपर कोई प्रतिक्रिया तक नहीं दी।

सांसद राणे के कहा, "मेलघाट एक आदिवासी और पिछड़ा क्षेत्र है। जब तक यहां डॉक्टरों, नर्सो और वॉर्डबॉय के रहने की सुविधा विकसित नहीं होगी। तब तक यहां कोई नहीं आयेगा। पिछली सरकार ने केवल बिल्डिंग बनाई। इसके अलावा कुछ नहीं किया। न ही चिकित्सकों की भर्ती की और न ही उनके यहां रहने के लिए कोई व्यवस्था की।  

शिंदे-फडणवीस सरकार पर भरोसा 

राणा ने शिंदे-फडणवीस सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि, “नई सरकार को आए हुए अभी केवल तीन से चार महीना हुआ है। कई दिक्क़तें हैं, जिन्हे दूर किया जा रहा है। आने वाले समय में इस समस्या को भी दूर किया जाएगा। अदालत ने सरकार को आदेश दिया है। मुझे मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर पूरा भरोसा है। वह सरकार का आदेश मानते हुए जल्द से जल्द डॉक्टरों की नियुक्ति यहाँ करेंगे।”

क्या आदेश दिया है अदालत ने?