Amravati: नकली बीजों का महाघोटाला: 12 दिन बाद भी नहीं उगी सोयाबीन, बोगस बोरियां पहनकर किसान ने किया अनोखा प्रदर्शन
अमरावती: अमरावती जिले के चांदूर रेलवे तहसील में निकृष्ट (घटिया) और बोगस सोयाबीन बीजों के कारण सैकड़ों किसानों पर आर्थिक तबाही का संकट मंडरा रहा है। मानसून की पहली बारिश के बाद क्षेत्र के किसानों ने साहूकारों और बैंकों से कर्ज लेकर बड़ी उम्मीदों के साथ अपने खेतों में सोयाबीन की बुवाई की थी। लेकिन कृषि विभाग और बीज उत्पादक कंपनियों की मिलीभगत के कारण बाजार में धड़ल्ले से बेचे गए घटिया बीजों ने किसानों को कहीं का नहीं छोड़ा।
बुवाई के 10 से 12 दिन बीत जाने के बाद भी खेतों में सोयाबीन का एक भी अंकुर नहीं फूटा है, जिससे यह साफ हो गया है कि किसानों को बेचे गए बीज पूरी तरह बोगस थे। इस भारी धोखाधड़ी से आक्रोशित किसानों ने सोमवार को चांदूर रेलवे के अनुविभागीय अधिकारी (SDO) कार्यालय पर एक विशाल मोर्चा निकाला और न्याय की गुहार लगाई।
इस आंदोलन के दौरान राजुरा गांव के पीड़ित किसान भूषण काले ने कृषि विभाग और सरकार की नींद उड़ाने के लिए एक बेहद अनोखा और झकझोर देने वाला विरोध प्रदर्शन किया। भूषण काले ने बोगस बीजों की खाली थैलियों और बोरियों को काटकर उन्हें अपने शरीर पर कपड़े की तरह पहन लिया और अधिकारियों के सामने खड़े हो गए। इस अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए एसडीओ दफ्तर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई।
आंदोलनकारी किसानों ने कार्यालय परिसर को घेरकर दोषी कंपनियों और कृषि अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने एसडीओ को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि नकली बीज बेचने वाली नामी कंपनियों के खिलाफ तत्काल धोखाधड़ी के आपराधिक मामले (FIR) दर्ज किए जाएं, कृषि विभाग तुरंत खेतों का पंचनामा कर नुकसान का आकलन करे और कर्ज के जाल में फंसे पीड़ित किसानों को दोबारा बुवाई (दुबार पेरणी) के लिए सरकार की ओर से तत्काल आर्थिक मुआवजा दिया जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आत्मदाह जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे।
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