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Amravati: मनपा पर एनसीपी का हल्ला बोल, बढ़े हुए संपत्ति कर को वापस लेने की मांग


अमरावती: मनपा द्वारा बढ़ाये गए सम्पाती कर को लेकर एनसीपी ने हल्ला बोल दिया है। मंगलवार को पार्टी शहर अध्यक्ष व पूर्व पार्षद प्रशांत दावरे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं मनपा कार्यालय के बाहर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी ने मनपा प्रशासन से बढ़ाई गई संपत्ति कर को वापस लेने की मांग की। 

एनसीपी नेताओं ने कहा कि, नगर पालिका द्वारा उठाया गया संपत्ति कर सभी संपत्ति मालिकों के लिए वहनीय नहीं है। यह संपत्ति कर सहिष्णुता और अनुचित की परीक्षा है। नागरिकों के पास बढ़े हुए संपत्ति कर का भुगतान करने की वित्तीय क्षमता नहीं है, जो नागरिक कोविड-19 के कारण भीषण मुद्रास्फीति, बेरोजगारी, कमजोर आय और बदतर स्थिति का सामना कर रहे हैं, वे आसानी से बढ़े हुए संपत्ति कर का भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं। 

संपत्ति कर में नए कर के विषय के अनुसार, शहर में सफाई के लिए 13 बजे होने पर 600 रुपये का स्वच्छता कर लगाना 'अत्याचारी' है। साथ ही, संपत्ति कर में 40 प्रतिशत की वृद्धि अत्यधिक है, और केवल आय बढ़ाने के लिए, नगर निगम ने आम नागरिकों का लाभ उठाया है।

एनसीपी नेताओं ने आगे कहा, संपत्ति के मालिकों को दी जाने वाली कर रसीद में उल्लेखित 1 प्रतिशत जल कर का आरोपण अवैध है। नागरिकों को 'माजीप्रा' द्वारा जलापूर्ति दी गई है, और उनका भुगतान 'माजीप्रा' को ही करना होगा। अतः मनपा को 1 प्रतिशत जल कर की वसूली को रद्द करना चाहिए। साथ ही शिक्षा कर में वृद्धि अत्यधिक एवं दंडात्मक है, और इससे नागरिकों को नुकसान हो रहा है। कुल मिलाकर संपत्ति कर में 40 प्रतिशत की कुल वृद्धि को रद्द किया जाना चाहिए।