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Chandrapur

Chandrapur: टांगकर रखी पैंट में छुपा था बिच्छू; डंक मारते ही 'शून्य' पर पहुंचा मासूम का बीपी, डॉक्टरों ने यूं दी नई जिंदगी


चंद्रपुर: नहाने के बाद खूंटी पर टंगी पैंट पहनना एक 12 वर्षीय मासूम के लिए काल का बुलावा साबित होने वाला था। पैंट के अंदर छिपे एक जहरीले बिच्छू ने मासूम को डंक मार दिया। शुरुआती इलाज घर पर ही (घरेलू नुस्खों से) करने के कारण शरीर में जहर इस कदर फैल गया कि बच्चे का ब्लड प्रेशर (BP) रिकॉर्ड होना भी बंद हो गया और ऑक्सीजन लेवल गिरकर महज 46 प्रतिशत रह गया। अत्यंत गंभीर और मरणासन्न अवस्था में उसे चंद्रपुर के 'बेंदले हॉस्पिटल' में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. बेंदले और उनकी टीम ने त्वरित इलाज शुरू कर मासूम को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, चिमूर तहसील के विहीरगांव का रहने वाला 12 वर्षीय अनूप ईश्वर ढोने 28 जून को नहाने गया था। उसने अपनी पैंट घर की खूंटी पर टांग दी थी। नहाकर आने के बाद अनूप ने जैसे ही वही पैंट पहनी, उसमें छिपे बिच्छू ने उसे डंक मार दिया। तेज दर्द के कारण अनूप के जोर-जोर से चिल्लाने पर जब परिजनों ने पैंट की जांच की, तो उसमें बिच्छू मिला।

घरेलू इलाज पड़ा भारी, बिगड़ती चली गई तबीयत
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने अस्पताल जाने के बजाय घर पर ही पारंपरिक उपचार शुरू कर दिया। नतीजतन, जहर तेजी से अनूप के पूरे शरीर में फैल गया और अगले ही दिन उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई। परिजन उसे आनन-फानन में स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत चंद्रपुर रेफर कर दिया।

जब डॉक्टरों के भी उड़ गए होश
चंद्रपुर के बेंदले हॉस्पिटल में जब अनूप को लाया गया, तब उसकी स्थिति देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। पूरी तरह क्रैश हो चुका था, जिसे मापना भी असंभव था। सामान्य से गिरकर सिर्फ 46 प्रतिशत पर आ गया था। दिल की धड़कनें 150 से 160 प्रति मिनट की खतरनाक रफ्तार से चल रही थीं। मासूम का पूरा शरीर ठंडा पड़ चुका था।

डॉ. बेंदले ने बिना एक पल गंवाए उसे ICU में शिफ्ट किया और इमरजेंसी प्रोटोकॉल के तहत इलाज शुरू किया। लगातार तीन दिनों तक गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद आखिरकार अनूप की तबीयत में सुधार हुआ। अब उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और उसकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है।