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Chandrapur

महाराष्ट्र को नक्सलमुक्त घोषित करने के बाद अब चंद्रपुर में ‘अर्बन नक्सल’ अलर्ट; 8 संदिग्ध पुलिस के रडार पर


- पवन झबाडे

चंद्रपुर: केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को नक्सलमुक्त घोषित किया है, लेकिन राज्य के सामने नक्सलवाद का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। घने जंगलों में सक्रिय सशस्त्र नक्सलियों के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, लेकिन अब “अर्बन नक्सलवाद” यानी शहरी नक्सलवाद गृह विभाग के सामने एक नई और गंभीर चुनौती बनकर उभरा है।

चंद्रपुर जिले में नक्सली विचारधारा से प्रेरित ७ से ८ संदिग्ध शहरी नक्सल सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये सभी संदिग्ध पुलिस के रडार पर हैं और उनकी हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।पिछले कुछ वर्षों में गडचिरोली  जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई कई बड़ी मुठभेड़ों में पुलिस ने कई खूंखार नक्सलियों का सफाया किया।

वहीं, सरकार की आत्मसमर्पण योजना के तहत कई नक्सली नेताओं और दलम सदस्यों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होना स्वीकार किया। इससे जंगलों में नक्सली गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है। हालांकि, अब बंदूक की लड़ाई की जगह वैचारिक लड़ाई ने ले ली है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, नक्सली विचारधारा का समर्थन करने वाले कुछ सफेदपोश लोग शहरों में आम नागरिकों की तरह रहकर सक्रिय हैं। चंद्रपुर जिले में चिन्हित किए गए इन  ७ से ८ संदिग्धों की गतिविधियों पर पुलिस विशेष नजर रखे हुए है। 

विशेष बात यह है कि विभिन्न सामाजिक संगठनों के नाम पर आयोजित बैठकों, चर्चाओं, आंदोलनों, सामाजिक कार्यक्रमों और संगोष्ठियों में इन लोगों की भागीदारी की जांच की जा रही है। इसके अलावा फेसबुक, एक्स (ट्विटर), व्हॉट्सऐप ग्रुप्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इनके पोस्ट, विचारधारा और गतिविधियों पर भी पुलिस नजर बनाए हुए है। इसके साथ ही इन लोगों को आर्थिक मदद कहां से मिल रही है, इनके संपर्क किन लोगों से हैं और इनके नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है, इसकी भी जांच सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जा रही है, ऐसी जानकारी पुलिस सूत्रों ने दी है।