logo_banner
Breaking
  • ⁕ 73 लाख किसानों के खातों में 5000 रूपये जमा, CM देवेंद्र फडणवीस बोले- 21 लाख किसानों का कर्जा हुआ माफ़; किसानों के साथ मंत्री मनाएंगे दीपावली ⁕
  • ⁕ सांसद प्रतिभा धनोरकर को श्याम कुमार बर्वे ने मारा थप्पड़! वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप, आलाकमान के पास शिकायत दर्ज ⁕
  • ⁕ अमरावती को मिली बड़ी सौगात! एयर इंडिया फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी को DGCA की मंजूरी, जल्द शुरू होगी पायलटों की ट्रेनिंग ⁕
  • ⁕ स्टार एअर की पुणे-नागपुर विमान सेवा बंद, दिवाली से पहले विमान सेवा बंद होने से यात्रियों की बढ़ी परेशानी ⁕
  • ⁕ Chandrapur: इरई बांध में 68 प्रतिशत जल भंडार शेष, "न करें पानी की कटौती", किशोर जोरगेवार की मांग ⁕
  • ⁕ किसानों की आत्महत्या पर प्रकाश आंबेडकर का विवादित बयान, बोले- पहले 10 नेताओं को मारो, फिर मरो! ⁕
  • ⁕ नागपुर अधिवेशन के खर्च में ₹42 करोड़ की बढ़ोतरी, खर्च ₹86.90 करोड़ से बढ़कर ₹129.05 करोड़ रुपये ⁕
  • ⁕ Nagpur: MD ड्रग्स तस्करों पर एंटी नारकोटिक्स टीम का शिकंजा! गणेशपेठ में 7 ग्राम MD ड्रग्स के साथ दो आरोपी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Yavatmal: दिग्रस में शादी का झांसा देकर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप, तीन लोगों पर मामला दर्ज ⁕
Chandrapur

Chandrapur: 11 नाम... 4 राज्य और ठगी का खेल; साइबर पुलिस ने हाईटेक महाठग का किया पर्दाफाश


- पवन झबाडे

चंद्रपुर: फाइनेंस कंपनी के नाम पर फर्जी लोन मंजूरी का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले एक हाईटेक अंतरराज्यीय ठग को चंद्रपुर साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पुणे बाणेर निवासी विनोद शांताराम गडाख पाटील के रूप में हुई है।

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी ने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे चार राज्यों में अलग-अलग नामों और फर्जी पहचान के जरिए कई लोगों को अपना शिकार बनाया। आरोपी ने 11 से अधिक अलग-अलग नामों का इस्तेमाल कर लोगों से ठगी की।

मामला चंद्रपुर के बाबूपेठ क्षेत्र का है, जहां हार्वेस्टर मशीन विक्रेता एक शिकायतकर्ता को उसके ग्राहकों के माध्यम से 'हेमंत जोशी' नाम के व्यक्ति का संपर्क मिला था। आरोपी ने खुद को 'पुनावाला फिनकॉर्प लिमिटेड नागपुर' का कर्मचारी बताया। उसने ग्राहक के घर जाकर फर्जी लोन एग्रीमेंट तैयार किया और व्हॉट्सऐप के जरिए 15 लाख रुपये का नकली लोन अप्रूवल लेटर भेजा। इसके बाद डाउन पेमेंट के नाम पर कंपनी के खाते में 4 लाख 46 हजार 250 रुपये जमा करवाए और रकम हड़पने के बाद मोबाइल बंद कर फरार हो गया।

ठगी का पता चलने के बाद शिकायतकर्ता ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और चंद्रपुर शहर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया।मामले की जांच के दौरान साइबर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी का पता लगाया और पुणे के बाणेर स्थित उसके घर से उसे गिरफ्तार कर लिया।जांच में सामने आया कि आरोपी ने चंद्रपुर के अलावा नाशिक (महाराष्ट्र), लखनऊ (उत्तर प्रदेश), इंदौर (मध्य प्रदेश) और वडोदरा (गुजरात) में भी नाम बदलकर करोड़ों रुपये की ठगी की है।

हेमंत जोशी से रणवीर सिंह तक... 11 फर्जी पहचान से ठगी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने ठगी के लिए हेमंत जोशी, हेमंत पवार, रणवीर सिंह सिकरवार, राम हरी चंद, मयंक वानखेड़े, अभिषेक शर्मा, जितेंद्र श्रीवास्तव, निखिल यादव, विट्ठल पाटील और विनोद पाटील जैसे अलग-अलग नामों के फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 238 (सी), 336 (2), 338 और 340 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

इस टीम ने किया आरोपी का पर्दाफाश

पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी और अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक सुनील गाडे, सहायक पुलिस निरीक्षक नीलेश गिरी, सहायक पुलिस निरीक्षक बलराम झाडोकर सहित मुजावर अली, कार्तिक खनके, उमेश रोडे, राहुल पोंदे, वैभव पत्तीवार, गुणवंत मुंडके, पंकज बावणे, खुशाल चांदेकर, मंगेश झाडे तथा पुणे बावधन की महिला पुलिस कर्मी अर्चना राहणे, बंडगर, शिंदे और विशेष जांच टीम चंद्रपुर के वृषभ बारसिंगे ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।