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Chandrapur

Chandrapur: बाघ के आतंक से ज्यादा अफवाहों का खौफ! फर्जी संदेशों से दहशत में सिंदेवाही के ग्रामीण


चंद्रपुर: चंद्रपुर जिले के सिंदेवाही तहसील में बाघ और अन्य जंगली जानवरों के हमलों की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीते एक सप्ताह में अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की जान जा चुकी है। इन घटनाओं से पूरे क्षेत्र में भय और शोक का माहौल है। इसी बीच सोशल मीडिया पर बाघ के हमलों को लेकर भ्रामक संदेश और फर्जी खबरें तेजी से प्रसारित हो रही हैं। कहीं किसी गांव में किसान के लापता होने, तो कहीं सड़क पर बाघ के हमले में व्यक्ति की मौत होने के संदेश वायरल किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में वास्तविक घटनाओं से अलग एक और तरह की दहशत फैल रही है।

पुराने वीडियो और फर्जी संदेशों से बढ़ रहा भ्रम
सोशल मीडिया पर कई बार दूसरे जिलों की पुरानी घटनाओं के वीडियो को सिंदेवाही क्षेत्र का बताकर प्रसारित किया जा रहा है। बिना किसी पुष्टि के ऐसे संदेश आगे भेजे जा रहे हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों में भय का माहौल बन रहा है। खेतों में काम करने वाले किसान, कृषि मजदूर और ग्रामीण अब ऐसी खबरों के कारण भी चिंतित हैं। इसका असर बच्चों और बुजुर्गों की मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा है।

वन विभाग और प्रशासन की अपील
एक ओर वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि वन्यजीवों के हमलों को रोकने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अफवाहों के कारण लोगों की परेशानी बढ़ रही है। प्रशासन और वन विभाग की ओर से नागरिकों से अपील की जा रही है कि किसी भी संदेश या वीडियो पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। किसी घटना की पुष्टि केवल आधिकारिक सूचना या विश्वसनीय समाचार माध्यमों से ही करें।

अफवाह फैलाने से बचें, जिम्मेदार नागरिक बनें
बाघ के हमलों के कारण पहले से ही मुश्किलों का सामना कर रहे किसानों और ग्रामीणों के लिए फर्जी खबरें एक नई समस्या बन गई हैं। ऐसे संवेदनशील समय में एक-दूसरे को हिम्मत देने और सहयोग करने की जरूरत है, न कि बिना पुष्टि के डर फैलाने की। नागरिकों से अपील है कि सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी भ्रामक संदेश या वीडियो को आगे फॉरवर्ड न करें और वन विभाग की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें।