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Chandrapur

फॉरेंसिक ऑडिट से सुलझेगी कैंसर हॉस्पिटल हैकिंग की गुत्थी


चंद्रपुर: कैंसर केयर फाउंडेशन (कैंसर हॉस्पिटल) के मुख्य सर्वर को हैक कर 75 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए जांच एजेंसियों ने अब सख्त कदम उठाए हैं। इस हाईटेक साइबर हमले की तह तक जाने के लिए साइबर पुलिस ने पूरे सिस्टम का फॉरेंसिक ऑडिट कराने का निर्णय लिया है।

माना जा रहा है कि इस तकनीकी जांच के जरिए हैकर्स के आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल सुराग मिल सकते हैं, जिससे मामले का खुलासा होने की संभावना बढ़ गई है।

मुख्य सर्वर हैक होने और फिरौती की रकम सीधे बिटकॉइन में मांगे जाने से अस्पताल प्रशासन और साइबर पुलिस दोनों ही हैरान रह गए थे। इसी बीच शनिवार को चंद्रपुर साइबर सेल की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच को तेज कर दिया। साइबर विशेषज्ञों ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और तकनीकी जानकारी एकत्र की है।

प्रारंभिक जांच के तहत पुलिस ने अस्पताल के आईटी विभाग के प्रभारी हर्षल रायंचवार तथा अस्पताल में स्थापित सॉफ्टवेयर का संचालन देखने वाली संबंधित कंपनी के कर्मचारी पटेल के विस्तृत बयान दर्ज किए हैं। हैकिंग किस सिस्टम के माध्यम से और किस तरीके से की गई, इसकी गहन तकनीकी पड़ताल साइबर विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है।

मरीजों का डेटा सुरक्षित : अस्पताल प्रशासन

सर्वर हैक होने और साइबर अपराधियों द्वारा सिस्टम को बंधक बनाने की कोशिश के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने नागरिकों को बड़ी राहत दी है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की जानकारी, उपचार संबंधी रिकॉर्ड और प्रशासनिक डेटा पूरी तरह सुरक्षित है तथा उसका अलग से बैकअप उपलब्ध है।

अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. राकेश कपूरिया ने यूसीएन से बातचीत में बताया कि हैकर्स की धमकियों के बावजूद अस्पताल का दैनिक कामकाज और मरीजों का उपचार बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से जारी है। उन्होंने कहा कि बैकअप व्यवस्था होने के कारण किसी भी महत्वपूर्ण डेटा के नुकसान की स्थिति नहीं बनी है।