Chandrapur: बिना लाइसेंस चल रहे IVF केंद्रों पर गाज; 'बेबीशुवर' और 'इंदिरा IVF' के रजिस्ट्रेशन प्रस्ताव रद्द
चंद्रपुर: शहर में नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे आईवीएफ (IVF) केंद्रों के खिलाफ राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन ने ‘बेबीशुवर’ (Babysure) और ‘इंदिरा आई.वी.एफ.’ (Indira IVF) के ‘ART Level-1’ पंजीकरण प्रस्तावों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि इन केंद्रों ने आधिकारिक पंजीकरण प्रमाण पत्र मिलने से पहले ही मरीजों का इलाज शुरू कर दिया था।
जांच में मिलीं गंभीर खामियां
सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (ART) अधिनियम-2021 के तहत इन केंद्रों ने नागपुर स्थित स्वास्थ्य सेवा उपसंचालक कार्यालय में पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। 23 मार्च 2026 को स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम ने जब इन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, तो वहां कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं:
- अवैध संचालन: बिना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के ही आईवीएफ और अन्य संबंधित सेवाएं धड़ल्ले से चालू थीं।
- दस्तावेजों का अभाव: आई.यू.आई. (IUI) करने वाले डॉक्टरों के पंजीकरण दस्तावेज गायब थे।
- सोनोग्राफी पर सवाल: सोनोग्राफी करने वाले डॉक्टरों के नाम का उल्लेख पंजीकरण प्रस्ताव में नहीं था और आवश्यक लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं थे।
- नियमों की अनदेखी: केंद्रों पर सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) सामग्री का पूर्ण अभाव पाया गया।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
इन सभी खामियों को देखते हुए नागपुर मंडल के सहायक चिकित्सा संचालक डॉ. अमरीश मोहबे ने दोनों केंद्रों के पंजीकरण प्रस्ताव रद्द करने का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई की प्रतियां अतिरिक्त संचालक (पुणे) और चंद्रपुर महानगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारियों को भेज दी गई हैं।
एक्शन मोड में मनपा
इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य नियम विरुद्ध स्वास्थ्य संस्थाओं में हड़कंप मच गया है। चंद्रपुर नगर निगम (मनपा) ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। मनपा की चिकित्सा अधिकारी नयना उत्तरवार ने जानकारी दी कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन केंद्रों को नोटिस जारी किया जा रहा है और उनके सभी संबंधित दस्तावेज जल्द ही जब्त किए जाएंगे।
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