Chandrapur: 118 उपद्रवी शराबियों की ‘हिट लिस्ट’ तैयार! अपराध और घरेलू हिंसा पर लगेगी लगाम
चंद्रपुर: चंद्रपुर जिले में होने वाले कई अपराधों, घरेलू हिंसा, मारपीट और आपसी विवादों के पीछे शराब के नशे में हंगामा करने वाले लोगों की भूमिका सामने आने के बाद चंद्रपुर पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी के निर्देश पर जिले में 118 से अधिक उपद्रवी शराबियों की सूची तैयार की गई है। अब इन लोगों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा करने, महिलाओं को परेशान करने या शांति भंग करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शराब के नशे में परिवार की महिलाओं के साथ मारपीट, चौक-चौराहों पर हंगामा और राहगीरों से विवाद जैसी घटनाओं के कारण कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिले के 35 पुलिस थानों की सीमा में विशेष अभियान चलाकर ऐसे उपद्रवी लोगों की जानकारी जुटाई गई है।
मूल में सबसे अधिक 48 उपद्रवी शराबी
पुलिस विभाग की विशेष सूची के अनुसार, मूल पुलिस थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 48 उपद्रवी शराबियों के नाम दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा वरोरा में 25, घुग्घुस में 20, सावली में 10, रामनगर में 7 और गोंडपिपरी क्षेत्र में 5 लोगों को सूची में शामिल किया गया है।
461 मानसिक रूप से बीमार लोगों की पहचान
एक ओर पुलिस उपद्रवी शराबियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए बेघर और सड़कों पर भटकने वाली मानसिक रूप से बीमार महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान भी चला रही है। इसका उद्देश्य इन महिलाओं को छेड़छाड़, धोखाधड़ी और यौन शोषण से बचाना तथा उनके परिवारों तक पहुंचाना है।
29 लोग सड़कों पर भटकते मिले
पुलिस की विशेष टीम द्वारा किए गए सर्वेक्षण में जिले में कुल 461 मानसिक रूप से बीमार लोगों की पहचान की गई है। इनमें से 424 लोग अपने घरों में रह रहे हैं, जबकि 29 लोग सड़कों पर भटकते पाए गए हैं। चिमूर पुलिस थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 119 लोग मिले हैं। इनमें 11 लोग सड़कों पर भटकने वाले और 108 घरों में रहने वाले हैं। इसके अलावा मूल क्षेत्र में 86, नागभीड़ में 27, तलोधी (बा.) में 25 और गड़चांदूर क्षेत्र में 24 लोग पाए गए हैं। भद्रावती क्षेत्र में 10 लोग सड़कों पर भटकते और 19 घरों में रहते हुए पाए गए हैं
इलाज के बाद परिवारों को सौंपने की पहल
अभियान के दौरान मिलने वाली मानसिक रूप से बीमार महिलाओं को चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। उपचार के बाद उनके परिवारों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित रूप से परिजनों के हवाले करने की योजना है। पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी के नेतृत्व में चल रही इस पहल के तहत एक ओर उपद्रवी तत्वों पर कार्रवाई की जाएगी, वहीं दूसरी ओर असहाय महिलाओं को सुरक्षा और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी ने कहा, “जिले में अपराध और घरेलू हिंसा पर अंकुश लगाने के लिए उपद्रवी शराबियों की विशेष सूची तैयार की गई है। शराब के नशे में हंगामा करने, महिलाओं को परेशान करने और शांति भंग करने वालों पर पुलिस की नजर रहेगी। इसके साथ ही सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए बेघर और सड़कों पर भटकने वाली मानसिक रूप से बीमार महिलाओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर उनके परिवारों तक पहुंचाने के लिए पुलिस की विशेष टीम काम कर रही है।”
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