Chandrapur: ताडोबा से गायब हुआ बाघ! बेंगलुरु के फोटोग्राफर से पूछताछ, कई चौंकाने वाले खुलासे
चंद्रपुर: चंद्रपुर जिले के ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व में कई बाघों के अचानक नजर नहीं आने से वन विभाग और ताडोबा प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। इसी बीच बेंगलुरु के एक वन्यजीव फोटोग्राफर को गंभीर संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। मामले ने पूरे वन्यजीव संरक्षण तंत्र में सनसनी फैला दी है।
सूत्रों के अनुसार, ताडोबा और आसपास के बफर क्षेत्र से कई बाघों के गायब होने पर शिकार की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियों को शक है कि संबंधित फोटोग्राफर ने इन बाघों की लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी शिकारी गिरोहों तक पहुंचाई हो सकती है। फिलहाल फोटोग्राफर का नाम गोपनीय रखा गया है।
बताया जा रहा है कि यह फोटोग्राफर पिछले कई महीनों से लगातार ताडोबा में सफारी के लिए आ रहा था। मामला, केसलाघाट और निमधेला बफर क्षेत्र में उसने कथित रूप से नियमों का उल्लंघन कर कई संदिग्ध गतिविधियां कीं। आरोप है कि बेहतर तस्वीरें लेने के लिए वह जंगल में मांस लेकर जाता था और जानवरों को बाघों के इलाके में बांधता था, ताकि वाघ आसानी से वहां पहुंचे।
इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि वह देर रात जंगल में प्रवेश करता था और इस काम में कुछ जिप्सी चालक तथा पर्यटन गाइड उसकी मदद करते थे। इन गतिविधियों और गायब बाघों के बीच संबंध होने की आशंका के चलते ताडोबा प्रबंधन ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
ताडोबा प्रबंधन ने फोटोग्राफर का मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं। पूछताछ से बचने के लिए उसने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए अस्पताल में भर्ती होने की कोशिश की, लेकिन बाद में अधिकारियों ने फिर उससे विस्तृत पूछताछ की।
हालांकि जांच एजेंसियों ने अब तक आधिकारिक तौर पर कोई ठोस जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन पूरे मामले ने ताडोबा में बाघों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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