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Chandrapur

सिटी पुलिस थाना आत्महत्या मामला: सहायक पुलिस निरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों का तत्काल तबादला, रिश्वतखोरी के आरोपो की CID करेगी जांच


चंद्रपूर: पुलिस पर मानसिक प्रताड़ना और रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाने के बाद जहर खाकर आत्महत्या करने वाले युवक के मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में जिन पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए थे, उन्हें तत्काल शहर पुलिस थाने से हटाकर पुलिस कंट्रोल रूम में स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं, पूरे मामले की जांच अब राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (CID) को सौंप दी गई है।

जानकारी के अनुसार, मृतक दिलीप यादव ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया था। वीडियो में उसने शहर पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक राजेंद्र सोनवणे, पुलिसकर्मी रूपेश पराते और महिला पुलिसकर्मी भावना रामटेके पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगने का आरोप लगाया था। अब इस मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ स्तर पर जांच CID को सौंपने का निर्णय लिया गया है देर रात ही CID की टीम चंद्रपुर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी।

मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुआ पोस्टमार्टम

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मृतक दिलीप यादव के शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी और प्रत्यक्ष निगरानी में कराया गया। अब इस मामले में मजिस्ट्रेट और CID दोनों स्तरों पर समानांतर जांच होगी। दोनों एजेंसियां स्वतंत्र रूप से गवाहों के बयान दर्ज करेंगी और साक्ष्यों की जांच करेंगी।

फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे सबूत

हालांकि दिलीप यादव के खिलाफ पहले से कुछ आपराधिक मामले दर्ज थे, लेकिन आत्महत्या से पहले पुलिस पर लगाए गए प्रताड़ना और रिश्वतखोरी के आरोपों की सच्चाई सामने लाना अब CID के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी। मामले से जुड़े सभी ऑडियो, वीडियो क्लिप और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।