चंद्रपुर में नाबालिग बेटी के नवजात बच्चे का सौदा करते मां गिरफ्तार!
चंद्रपुर: पैसों के लालच में अपने ही कलेजे के टुकड़ों का सौदा करने वाली एक कसाई मां का रोंगटे खड़े कर देने वाला और इंसानियत को कलंकित करने वाला कारनामा चंद्रपुर में सामने आया है। अपनी दो मासूम संतानों को महज दो लाख रुपये में बेचने के बाद, इस बेरहम महिला ने अपनी ही 15 साल की नाबालिग बेटी के नवजात बच्चे को भी बेचने की साजिश रची थी। हालांकि, रामनगर पुलिस की सतर्कता के चलते यह खौफनाक मंसूबा नाकाम हो गया और इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हो गया।
इस मामले में रामनगर पुलिस ने आरोपी मां सहित बच्चा खरीदने वाली दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस पूरे कांड का मुख्य सूत्रधार अजय फुलझेले फिलहाल फरार है, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। चारों आरोपियों के खिलाफ 'एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग' (मानवी तस्करी) और 'पॉक्सो' (POCSO) एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं।
लिव-इन पार्टनर की नाबालिग बेटी पर थी गंदी नजर; नागपुर में कराई डिलीवरी
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी महिला के पति की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी पहचान अजय फुलझेले से हुई। दोनों महिला की 15 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। लेकिन, कुछ ही दिनों में दरिंदे अजय की नजर उस नाबालिग लड़की पर बिगड़ गई और उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब लड़की गर्भवती हो गई, तो चंद्रपुर में बदनामी के डर से अजय और उसकी मां ने उसे डिलीवरी के लिए नागपुर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। वहां अस्पताल प्रशासन को कोई शक न हो, इसलिए उन्होंने झूठी कहानी गढ़ी कि "बाढ़ की स्थिति में हमारे सारे दस्तावेज बह गए" और लड़की की उम्र 20 साल बताई। लेकिन मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टरों को लड़की की उम्र पर गहरा संदेह हुआ। डॉक्टरों ने बिना वक्त गंवाए नागपुर की अजनी पुलिस को 'एमएनसी' (MNC) भेज दी। अजनी पुलिस ने तुरंत 'जीरो एफआईआर' दर्ज कर मामला चंद्रपुर पुलिस को सौंप दिया।
अपने ही बच्चे बेचने का अमानवीय धंधा
जैसे ही जांच की कमान रामनगर थाने की सहायक पुलिस निरीक्षक (API) अश्विनी वाकडे के हाथों में आई, उन्होंने पीड़ित नाबालिग लड़की का विस्तृत बयान दर्ज किया। बयान के दौरान उन्हें अंदेशा हुआ कि यह मामला सिर्फ यौन उत्पीड़न का नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है। पुलिस ने जब पीड़ित लड़की की मां को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कबूला कि वह इससे पहले भी अपने दो बच्चों को तेलंगाना और स्थानीय स्तर पर दो-दो लाख रुपये में बेच चुकी थी। नाबालिग बेटी की कोख से पैदा हुए इस नवजात बच्चे को भी वह इसी तरह बेचने की फिराक में थी।
इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद पुलिस ने मानव तस्करी की धाराएं जोड़कर कार्रवाई तेज की। पुलिस ने बच्चा खरीदने वाली एक महिला को सीधे तेलंगाना राज्य के कागजनगर से और दूसरी महिला को चंद्रपुर से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।
पुलिस टीम की मुस्तैद कार्रवाई
इस बड़ी कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकड़े, एसडीपीओ प्रमोद चौगुले के मार्गदर्शन में रामनगर की पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके और सहायक पुलिस निरीक्षक अश्विनी वाकडे ने अंजाम दिया। फरार मुख्य आरोपी अजय फुलझेले की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
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