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Nagpur

Nagpur: मेडिकल सर्टिफिकेट के बदले मांगे 20 हजार की रिश्वत, मेयो अस्पताल सर्जरी विभाग के एचओडी और जूनियर स्टेनो गिरफ्तार


नागपुर: नागपुर के सरकारी मेओ अस्पताल में रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में अस्पताल के सर्जरी विभाग प्रमुख और एक जूनियर क्लर्क के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने कार्रवाई की है। मांग की पुष्टि होने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता वर्धा एआरटीओ कार्यालय में कार्यरत हैं। करीब तीन महीने पहले उन्होंने मेडिकल लीव ली थी। इसी दौरान एक दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। छुट्टी बढ़ाने के लिए उन्हें सरकारी अस्पताल से मेडिकल सर्टिफिकेट की आवश्यकता थी। इसी सिलसिले में शिकायतकर्ता ने सरकारी अस्पताल मेयो के सर्जरी विभाग प्रमुख 63 वर्षीय डॉ. नंदकिशोर जायसवाल से संपर्क किया। आरोप है कि डॉ. जायसवाल ने मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने के बदले पहले 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में बातचीत के बाद 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।

शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने ट्रैप की योजना बनाई। आरोप है कि रिश्वत की रकम लेने की जिम्मेदारी जूनियर स्टेनो आशीष सहदेव मेटेकर को सौंपी गई थी। हालांकि मंगलवार को जब ACB की टीम सरकारी अस्पताल पहुंची तो आरोपियों को शक हो गया और उन्होंने रिश्वत की राशि स्वीकार नहीं की।

इसके बावजूद जांच में रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने डॉ. नंदकिशोर जायसवाल और उनके जूनियर स्टेनो आशीष सहदेव मेटेकर के खिलाफ तहसील पुलिस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच की जा रही है। फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आई थीं या नहीं। इस कार्रवाई के बाद सरकारी अस्पताल में हड़कंप का माहौल है।