हैवानियत के बाद वीडियो वायरल, थर्रा उठा अमरावती! पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
अमरावती: जिले के परतवाड़ा और अचलपुर में युवतियों का यौन शोषण कर उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की शर्मनाक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। इस घृणित कांड से नागरिकों में बेहद रोष है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर आज परतवाड़ा और अचलपुर बंद का आह्वान किया गया है। सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों को फांसी जैसी कड़ी सजा देने की मांग की है।
महाराष्ट्र अभी ढोंगी बाबा अशोक खरात के कारनामों से उभरा भी नहीं था कि अमरावती के परतवाड़ा से आए इस सनसनीखेज कांड ने पूरे राज्य को दहला दिया है। यहाँ दरिंदगी का एक ऐसा पैटर्न सामने आया है जो रूह कंपा देने वाला है। मुख्य आरोपी अयान अहमद और उसके साथियों ने पहले सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को प्रेम जाल में फंसाया, फिर उनका शारीरिक शोषण कर अश्लील वीडियो बना लिए। हैवानियत यहीं नहीं रुकी, इन वीडियो के दम पर युवतियों को लगातार ब्लैकमेल किया गया और अंत में उनकी अस्मत को सोशल मीडिया पर नीलाम कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी अयान अहमद सहित तीन दरिंदों को दबोच लिया है, जिनके फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं।
इस घृणित कांड के बाद पूरे अमरावती जिले में भारी तनाव है। आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर आज अचलपुर और परतवाड़ा बंद का आह्वान किया गया, जिसे हर वर्ग का भारी समर्थन मिला। इधर, सियासत भी पूरी तरह गर्मा गई है। भाजपा विधायक प्रवीण तायड़े मामले की गहन जाँच करने की मांग की है। सांसद अनिल बोंडे और 180 युवतियों के शोषण का सनसनीखेज दावा करते हुए मामले की जाँच के लिए SIT गठित करने की मांग की है।
मामले के सामने आने के बाद से जिले में रोष दिखाई दे रहे हैं। सभी राजनीतिक दल और नेता आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस नेता यशोमति ठाकुर और बडनेरा विधायक रवि राणा ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं राज्य अप्ल्संख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने मुख्यमंत्री फडणवीस से आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मामले को बेहद जघन्य बताते हुए आरोपियों कड़ी कार्रवाई की बात कही है। इस जघन्य कांड ने न केवल युवतियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है, बल्कि मानवीय रिश्तों और भरोसे की बुनियाद को भी झकझोर कर रख दिया है। आज के दौर में यह घटना हमें इस कड़वी सच्चाई पर सोचने को मजबूर करती है कि आखिर दोस्ती के नकाब में छिपे भेड़ियों को कैसे पहचाना जाए। समाज के सामने अब यह बड़ी चुनौती है कि भरोसे की सीमा क्या हो और 'मित्रता' के नाम पर हो रहे इस विश्वासघात से खुद को कैसे सुरक्षित रखा जाए।
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