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Gondia

बोनस के लिए किसान ने ली भू समाधि, पुलिस के समझाने पर बंद किया आंदोलन


गोंदिया: तिरोडा तहसील के चिखली गांव के किसानों को बोनस मिले इसको लेकर शेतकारी सेवा संघ के संस्थापक अध्यक्ष नरेंद्र राहंगडाले ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन एक हफ्ता होने के बावजूद सरकार द्वारा जवाब नहीं दिया। इसी को लेकर आज किसानों ने अपने ही खेतों में भू-समाधि ले ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आंदोलन कर रहे किसानों को समझाया। काफी देर के बाद किसान माने और अपने आंदोलन को समाप्त किया।

किसानों को खेती करते समय उत्पादन की लागत अधिक और धान की कम कीमत मिलती है। इससे किसान मायूस हैं। महाविकास अघाड़ी सरकार ने बोनस रद्द कर डीबीटी प्रणाली की शुरुआत की। लेकिन अब शिंदे सरकार ने डीबीटी रद्द कर दिया है। सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण किसान कर्जदार होते जा रहे हैं।

इस बीच नरेंद्र राहंगडाले के बार-बार मांग के बावजूद बोनस नहीं मिलने पर 25 नवंबर को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि किसानों को बोनस दिया जाए, नहीं तो भू-समाधि ले लेंगे। पत्र भेजने के आठ दिन बाद भी सरकार उदासीन है। उनके पत्र को नजरअंदाज करने से आहात राहंगडाले अपने खेत पहुंचे और भू-समाधि लेली।

जानकारी मिलते ही पहुंचे तहसीलदार

राहंगडाले की भू-समाधि लेने की खबर गांव में आग की तरह फैली। बड़ी संख्या में लोग यह देखने पहुंचे। वहीं इस घटना की जानकारी पुलिस और तहसीलदार को भी दी गई। जानकारी मिलते ही दोनों मौके पर पहुंचे और राहंगडाले को समझाने लगे। काफी देर समझाने के बाद पुलिस को कामयाबी मिली और राहंगडाले ने अपना आंदोलन समाप्त किया।