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Gondia

Gondia: 42 हजार किसानो को नहीं मिला मुआवजा, प्रशासन ने सरकार को भेजी रिपोर्ट


गोंदिया: इस वर्ष जिले में नवंबर के अंतिम सप्ताह व दिसंबर की शुरुआत में हुई बेमौसम बारिश से 25 हजार 700 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा व 42 हजार किसान इससे प्रभावित हुए. किसानों को नुकसान भरपाई के रूप में 44 करोड़ रु. देने की मांग जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को भेजी गई अपनी अंतिम रिपोर्ट में कहा है. 

जिले में खरीफ मौसम में 1 लाख 92 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल लगाई जाती है और सामान्य स्थिति में दिवाली के पूर्व हल्की प्रजाति का धान किसानों के हाथ में आ जाता है. लेकिन उच्च प्रजाती के धान की कटाई देरी से शुरू होती है. इस वर्ष यह कटाई शुरू रहने के दौरान ही 27 व 28 नवंबर के दौरान व दिसंबर के प्रथम सप्ताह में हुई बेमौसम बारिश से धान उत्पादक किसानों को काफी नुकसान हुआ.

खेतों काटकर रखा गया धान पानी में भीगने के कारण उन्हें भारी नुकसान हुआ. इसके अलावा चुराई के लिए ढेर बनाकर रखा गया धान भी गीला हो गया और अनेक स्थानों पर उसमें अंकुर निकल आए. किसानों को हुए नुकसान को देखते हुए शासन ने नुकसान का पंचनामा कर रिपोर्ट भेजने के लिए कृषि व राजस्व विभाग को निर्देश दिए थे.

शासन को जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई अंतिम रिपोर्ट में बताया गया है कि नवंबर माह में हुई बारिश के कारण 28 हजार 242 किसानों की 12 हजार 244 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसल को नुकसान हुआ. उसी प्रकार दिसंबर माह में हुई बेमौसम बारिश से 25 हजार 54 किसानों की 13 हजार 417 हेक्टेयर फसलें प्रभावित हुई.

इस तरह नवंबर माह में किसानों को 20 करोड़ 54 लाख 48 हजार व दिसंबर माह में 22 करोड़ 99 हजार 880 रु. का नुकसान हुआ है. राज्य के मुख्यमंत्री ने नागपुर के शीतकालीन सत्र में धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 20 हजार रु. बोनस दिए जाने की घोषणा के साथ ही बेमौसम बारिश से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई देने की घोषणा भी की है. अब किसानों को नुकसान भरपाई कब मिलती है, इसकी प्रतीक्षा है।