logo_banner
Breaking
  • ⁕ Chandrapur: भाजपा ग्रामीण कार्यकारिणी पर प्रदेश की रोक; मुनगंटीवार गुट को बड़ा झटका ⁕
  • ⁕ Gadchiroli: बालबेड़ा जंगल में माओवादियों की हथियार बनाने का कारखाना तबाह, गढ़चिरोली पुलिस और CRPF का संयुक्त ऑपरेशन ⁕
  • ⁕ विश्वास नांगरे पाटिल ने संभाला कार्यभार, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई को बताया पहली प्राथमिकता ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र विधानसभा: मानसून सत्र के तीसरे दिन किसानों के लिए बड़ा ऐलान, 30 जून तक 56 लाख किसानों की कर्जमाफी ⁕
  • ⁕ NEET सेंटर विवाद में बड़ा ट्विस्ट! NTA बोली- अभ्यर्थी ने खुद चुना था एग्जाम सिटी"; पिता तालिब ने दावे को किया ख़ारिज ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Gondia

Gondia: फेडरेशन द्वारा खरीदा गया 7,000 क्विंटल धान गायब, गोरेगांव तालुका की तीन संस्थाएं रडार पर


गोंदिया: धान खरीदी शुरू होते ही घोटाले सामने आने शुरू हो गए हैं। ऐसा ही चौकाने मामला राज्य स्तरीय भरारी टीम द्वारा की गई जांच में सामने आया है। जहां सहकारी समितियों के माध्यम से जिला विपणन संघ के सरकारी धान खरीदी केंद्र में खरीदा गया लगभग 7 हजार क्विंटल धान संबंधित संस्थाओं के गोदाम में उपलब्ध नहीं है। यह मामला सामने आते ही गोरेगांव तहसील के तीन खरीदी केंद्र रडार पर हैं और खबर है कि उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

जिले में जिला विपणन संघ एवं आदिवासी विकास निगम के अंतर्गत शासकीय धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी की जाती है। महासंघ सहकारी समितियों को कमीशन के आधार पर धान खरीदने की अनुमति देता है। इसके लिए संबंधित संस्था द्वारा बैंक गारंटी और 10 लाख रुपए की अमानत राशि रखी जाती है, जिसके बाद जिले की पांच संस्थाओं ने पिछले वर्ष धान उपार्जन केंद्र में खरीदे गए धान का आपसी सहमति से निपटान कर दिया था। लेकिन 7 हजार क्विंटल धान फिर से गायब होने से बड़ा घोटाला सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।