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Gondia

Gondia: हल्के धान की कटाई जोरों पर


अर्जुनी मोरगांव: तहसील सहित इटखेड़ा परिसर में हल्के धान की फसल की कटाई जोरों से चल रही है. खेतों में किसान व मजदूर धान की कटाई व मलनी करते  देखे जा रहे हैं. फसल तैयार होने के बाद धान की कटाई व मलनी की जाती है, जो बहुत मेहनत का काम होता है. हालांकि जो अधिक जोत के किसान हैं वो तो अपनी फसल कम्बाइन से कटवा लेते हैं, लेकिन जो छोटी जोत के किसान है उनको काफी मेहनत करनी पड़ती है. लेकिन अब वे किसान भी कटाई व मलनी के लिए मशीन की मदद से धान की कटाई व मलनी करते दिखाई दे रहे है.  

लौटती बारिश से हुआ नुकसान 

पिछले पांच-छह दिनों से लौटती बारिश पीछे हटने के बाद अब हल्के किस्म के धान उत्पादक किसानों को राहत मिली है. गत दिवस बारिश होने से कई किसानों की खड़ी धान की फसल जमीन पर लेट गई. खेतों में कटाई कर रखे धान के कडपे पानी में भीगने से भी किसानों को नुकसान हुआ. इससे बचे शेष धान की कटाई अब गति पकड़ चुकी है.  किसानों का कहना है कि मौसम के बदलाव का कुछ पता नहीं है. गत दिवस लौटती बारिश से काफी नुकसान हुआ है लेकिन अब साफ धूप पड़ रही है इससे धान की कटाई के बाद खेत में सूखाने के लिए धान के कडपे रखे गए है. 

इस दौरान इसमें कम से कम दो से तीन दिन लगते हैं और बारिश नहीं हुई तो कडपे बांधकर मलनी के लिए एकत्र किया जाएगा. अब वे मौसम में बदलाव से पहले ही फसल की कटाई व निकासी करके मंडी पहुंचाने में जुटे हैं. जिससे उन्हें नुकसान ना होने पाए. दिवाली से पहले धान की फसल हाथ में आने से उसे बेचकर किसान और उनके परिवार दीपावली मनाने की खुशी में काम पर लग गए हैं. शासकीय आधारभुत धान खरीदी केंद्र शुरू हो तो ठीक नही तो निजी व्यापारियों को धान की फसल बेचकर दिवाली मनाने का उनका मानस दिखाई दे रहा है.