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Gondia

दूषित पेयजल से विद्यार्थियों व राहगीरों की जान खतरे में, पानी की टंकी की एक वर्ष से अधिक समय से नहीं हुई सफाई


देवरी: तहसील को नक्सलग्रस्त आदिवासी बहुल तहसील के रूप में जाना जाता है. देवरी बस स्थानक ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक गांवों को जोड़ता है. देवरी को जिलों और राज्यों को जोड़ने वाले बस स्टेशन के रूप में भी जाना जाता है. करोड़ों रु. खर्च कर बस स्थानक का निर्माण किया गया है. सूचना का अधिकार कानून में खुलासा हुआ है कि, राज्य परिवहन निगम द्वारा करोड़ों रु. खर्च करने के बावजूद हजारों यात्रियों व विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.

बस स्थानक पर लगभग 25 माह से पानी टंकी की सफाई नहीं होने से राज्य परिवहन निगम के वाहन चालकों व मालवाहकों की जान से भी खिलवाड़ किया जा रहा है. देवरी के आरटीआई कार्यकर्ता नरेश जैन ने जब यह जानकारी मांगी कि, राज्य परिवहन बोर्ड के पीने के पानी का प्रबंधन और सफाई कौन करता है और टैंक की सफाई के लिए नियम और शर्तें क्या है, तो पता चला कि, पानी की टंकी को 4 अगस्त 2020 में साफ किया गया था. उसके बाद से 2021 और सितंबर 2022 तक याने 25 माह से पेयजल टंकी की सफाई नहीं की गई है. 

कोरोनाकाल में स्वच्छता को पहली प्राथमिकता दी गई थी, लेकिन कोरोनाकाल में राज्य परिवहन निगम के देवरी बस स्थानक में 2 साल 5 महीने से पानी साफ नहीं होने से हजारों यात्रियों व विद्यार्थियों का स्वास्थ्य खतरे में है. विशेष रूप से मानव विकास के तहत चलने वाली बसों के माध्यम से हजारों की संख्या में ग्रामीण विद्यार्थी इस बस स्थानक में आते हैं. देवरी, नागपुर, भंडारा, गोंदिया व छत्तीसगढ़ राज्य को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण बस स्थानक है, इसलिए हजारों यात्रियों का स्वास्थ्य खतरे में है. देवरी के सामाजिक कार्यकर्ता नरेश जैन ने मांग की है कि, उक्त मामले में उपेक्षित राज्य परिवहन निगम के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

साकोली बस डिपो के डी.एम. गौतम शेंडे ने बताया कि साफ-सफाई का कार्य विभागीय कार्यालय भंडारा द्वारा होता है. वर्तमान में सफाई का ठेका नागपुर की एजेंसी को मिला है. इसके अलावा डिपो में हमारे दो बंगले (क्वार्टर) भी हैं, निजी एजेंसी ने सफाई नहीं की, तो उस वक्त महामंडल द्वारा नियुक्त सफाई कामगारों ने टंकी की सफाई की है, जो हर एक बस स्टैंड में मौजूद रजिस्टर में दर्ज किया गया है. 

एजेंसी के प्रबंधक की कुछ निजी समस्याओं की वजह से साफ-सफाई में देरी की सूचना प्राप्त होने के बाद एजेंसी को नोटिस भेजा गया. तत्पश्चात एजेंसी द्वारा 28 सितंबर को ही साकोली डिपो व लाखनी, अर्जुनी मोरगांव तथा देवरी एसटी बस स्टैंड के पानी की टंकी की सफाई की गई है.