logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल की अटकलों पर प्रतापराव जाधव का बयान, बोले- एकनाथ शिंदे नाराज़ नहीं ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Maharashtra

महाराष्ट्र में स्कूल बसों के लिए नए सुरक्षा नियम लागू; CCTV-GPS अनिवार्य, अभिभावकों को मिलेगी लाइव ट्रैकिंग


मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में स्कूल बसों और वैन के लिए नई सुरक्षा नियमावली लागू कर दी गई है। अब सभी स्कूल वाहनों में GPS, CCTV कैमरे, सीट बेल्ट, पैनिक बटन और डिजिटल सेफ्टी मॉनिटरिंग सिस्टम अनिवार्य होंगे। इसके साथ ही अभिभावक मोबाइल ऐप के जरिए अपने बच्चों की बस की लाइव लोकेशन और CCTV फुटेज भी देख सकेंगे।

महाराष्ट्र सरकार ने स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महाराष्ट्र मोटर वाहन (स्कूल बस नियमन) प्रथम संशोधन नियम, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। नए नियमों के तहत राज्य के सभी स्कूल बसों, स्कूल वैन और शैक्षणिक संस्थानों के वाहनों को तीन महीने के भीतर नई सुरक्षा व्यवस्था के अनुरूप तैयार करना होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित वाहन का परमिट निलंबित या रद्द किया जा सकता है।

जारी नियमों के अनुसार, 

  • हर स्कूल वाहन में GPS आधारित वाहन लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम (VLTD) अनिवार्य
  • CCTV कैमरे, पैनिक बटन और हर सीट पर सीट बेल्ट लगाना होगा
  • सभी बसों में अग्नि सुरक्षा उपकरण (फायर सेफ्टी सिस्टम) अनिवार्य होंगे
  • सभी वाहनों को डिजिटल सेफ्टी मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा
  • अभिभावक मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल से बस की रियल-टाइम लोकेशन देख सकेंगे
  • मोबाइल ऐप के जरिए CCTV फुटेज भी देखी जा सकेगी
  • स्कूलों को CCTV रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी
  • आवश्यकता पड़ने पर रिकॉर्डिंग परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग या पुलिस को उपलब्ध करानी होगी

नई नियमावली के तहत प्रत्येक छात्र के बस में चढ़ने और उतरने का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए बस में महिला परिचारिका या अधिकृत कर्मचारी की मौजूदगी अनिवार्य होगी, वहीं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अलग सुरक्षा प्रावधान किए गए हैं। यही नहीं सरकार ने पहली बार स्कूल बसों के किराए को भी नियमन के दायरे में लाया गया है।

अब RTA प्रति छात्र प्रति किलोमीटर आधार किराया तय करेगा और स्कूल या निजी ऑपरेटर निर्धारित किराए से 10% से अधिक शुल्क नहीं ले सकेंगे। साथ ही, हर स्कूल में ट्रांसपोर्ट कमेटी का गठन, बस चालकों और परिचारकों का पुलिस सत्यापन तथा मेडिकल फिटनेस अनिवार्य होगी। सरकार का दावा है कि इससे स्कूल परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनेगी।