logo_banner
Breaking
  • ⁕ महायुति में अंदरूनी घमासान पर सीएम सख्त; वर्षा बंगले पर हुई समन्वय बैठक, 70-30 फंड और निगम बंटवारे के फॉर्मूले पर लगी मुहर ⁕
  • ⁕ महायुति सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, किसान कर्जमाफी योजना की दूसरी किस्त जारी; दो चरणों में 12.58 लाख से ज्यादा किसानों को लाभ ⁕
  • ⁕ ईद-ए-मिलाद से पहले नागपुर पुलिस अलर्ट मोड पर, परिमंडल-4 में दंगा काबू के लिए की गई रिहर्सल और रूट मार्च ⁕
  • ⁕ Amravati: शहर के 90 अस्पतालों को नवीनीकरण के निर्देश, नगर पालिका के बार-बार नोटिस देने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Buldhana: बुलढाणा जिला बैंक में 'सहकार' पैनल की जीत, 21 में से 19 सीटें जीती ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Nagpur

नागरिकों को बड़ी राहत, बीते तीस घंटे से राज्य में बिजली कटौती नहीं


नागपुर: राज्य में शनिवार की तुलना में रविवार (3 सितंबर) दोपहर 12 बजे बिजली की मांग में मामूली बढ़ोतरी हुई। लेकिन मांग के अनुरूप बिजली उपलब्ध नहीं होने के कारण महावितरण ने लोड रेगुलेशन नहीं किया। इससे ग्राहकों को राहत मिली।

रविवार दोपहर 12 बजे राज्य में महावितरण की कुल बिजली मांग 23 हजार 849 मेगावाट थी। इसके मुताबिक बिजली की उपलब्धता को लेकर राज्य में कहीं भी लोड रेगुलेशन नहीं था। इसलिए महावितरण की ओर से दावा किया गया कि राज्य में 30 घंटे तक कहीं भी लोड रेगुलेशन नहीं हुआ।

राज्य में शुक्रवार (1 सितंबर) सुबह 6 बजे के बीच महावितरण की अधिकतम बिजली मांग 24 हजार 300 मेगावाट थी। उपलब्ध बिजली की तुलना में मांग में 900 मेगावाट की कमी के कारण सुबह 6 बजे से 7।30 बजे के बीच जी1 से जी3 समूह के फीडरों पर आपातकालीन लोड विनियमन लगाया गया था। शनिवार (2 सितंबर) को महावितरण की अधिकतम मांग सुबह 5।40 बजे के बीच घटकर 23 हजार 700 मेगावाट पर आ गई। नतीजा यह हुआ कि उपलब्ध बिजली की तुलना में मांग में 1200 मेगावाट की कमी आ गयी, इसलिए राज्य में सुबह 5।40 से 7।15 बजे के बीच जी ग्रुप फीडरों पर लोड रेगुलेशन करना पड़ा।