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Twitter पर ट्रेंड हुआ देवेंद्र फडणवीस इस्तीफा दो, जानें क्या है कारण?


नागपुर: बुधवार को विधानसभा में राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के बयान से राज्य भर के प्रतियोगी परीक्षार्थियों में गुस्से की लहर है। छात्र स्वयं कोई मांग नहीं करते बल्कि उनकी मांग शिक्षकों से होती है। कहा गया कि शिक्षकों ने मांगें निर्धारित कीं। इससे छात्रों में काफी नाराजगी है।

प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति ने राज्य में वन विभाग की भर्ती में गड़बड़ी का खुलासा किया है। लेकिन सरकार इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इसके साथ ही फडणवीस के बयान के विरोध में 'हैशटैग फडणवीस इस्तीफा दो' अभियान शुरू किया गया है। 

विधानसभा विधायक रोहित पवार ने तलाठी भर्ती के लिए छात्रों से 1000 रुपये शुल्क लिए जाने को लेकर सवाल उठाया। इस समय उन्होंने मांग की कि सरकार निजी कंपनियों से परीक्षा लेते समय छात्रों पर फीस का बोझ कम करें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब परीक्षा में इतना खर्च नहीं होता, वहीं सरकार छात्रों को लूट रही है। 

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि निजी कंपनियों से परीक्षा देने के लिए शुल्क तय करने का निर्णय कैबिनेट बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया है और सदस्यों की मांग पर पुनर्विचार करने का वादा किया गया है। हालांकि, इस मौके पर बोलते हुए फडणवीस ने बयान दिया कि छात्र कोई मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनकी मांगें कोचिंग क्लासेस द्वारा तय की जाती हैं, जिससे छात्रों में काफी नाराजगी है।