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नागपुर जिले के 24, 322 किसानों का कर्जा होगा माफ़, राज्य सरकार ने पहली सूची की जारी; 'इस' तारीख से पहले आधार प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य


नागपुर: महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना 2026’ के तहत नागपुर जिले के पात्र किसानों की पहली सूची जारी कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत जिले के 24,322 किसानों को 2 लाख रूपये तक की कर्जमुक्ति का सीधा लाभ मिलेगा। प्रशासन द्वारा जारी यह सूची संबंधित ग्राम पंचायत, गांव की चावड़ी, विविध कार्यकारी सेवा समिति (VKS) और बैंक शाखाओं में चस्पा कर दी गई है। शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने दी। जिलाधिकारी ने सभी किसानों को जल्द से जल्द केवाईसी पूरा करने का निर्देश दोय है।

आधार प्रमाणीकरण कराने के लिए किसानों को अपने नजदीकी 'आपले सरकार सेवा केंद्र' या संबंधित बैंक शाखा में जाना होगा। इसके लिए किसानों को सूची में दर्ज अपना विशिष्ट क्रमांक, आधार कार्ड और बैंक पासबुक साथ ले जाना अनिवार्य है। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि सीएससी केंद्रों द्वारा आधार प्रमाणीकरण के लिए किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है। प्रमाणीकरण सफल होने के बाद किसानों को एक पावती प्राप्त होगी, जिसमें उनकी कर्जमाफी से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज होगी। यदि किसी किसान का फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता है या बायोमेट्रिक समस्या आती है, तो वे तहसीलदार के पास अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।


इस योजना के दायरे में 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिया गया अल्पकालिक फसल ऋण शामिल है, जो 30 सितंबर 2025 तक बकाया था और 31 मार्च 2026 तक नहीं चुकाया गया है। योजना के तहत 2 लाख तक की बकाया राशि पूरी तरह माफ की जाएगी। जिन किसानों का बकाया ₹2 लाख से अधिक है, उन्हें 2 लाख से ऊपर की अतिरिक्त राशि 31 मार्च 2027 तक जमा करनी होगी, जिसके बाद ही उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, जिन किसानों ने अपने ऋण का समय पर भुगतान किया है, उन्हें शासन की ओर से 50,000 तक की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। 

यदि गांव की सूची और पोर्टल पर दिख रही बकाया राशि में कोई अंतर पाया जाता है, तो योजना पोर्टल की राशि को ही अंतिम माना जाएगा। बैंकों को 31 मार्च 2026 के बाद का कोई भी अतिरिक्त ब्याज न जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, एनपीए (अकार्यकारी) खातों के लिए बैंकों द्वारा तय फार्मूले के तहत छूट दी जाएगी। 

कर्जमुक्ति के तुरंत बाद मिलेगा नया फसल ऋण
आधार प्रमाणीकरण पूरा होते ही डीबीटी (DBT) के माध्यम से राहत राशि सीधे किसानों के कर्ज खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी और उन्हें 'कर्ज बेबाकी प्रमाणपत्र' (No Dues Certificate) जारी किया जाएगा।  कर्जमुक्त हुए सभी किसानों को आगामी खरीफ सीजन के लिए बैंक तुरंत नया फसल ऋण उपलब्ध कराएंगे। इसकी जानकारी नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद और जिला उपनिबंधक अजय कडू ने दी है।